सपा ने बांदा में प्रत्याशी घोषित कर राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़े
झांसी, 31 जनवरी (हि. स.)। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर शंखनाद हो चुका है। सभी राजनैतिक दल लोकसभा क्षेत्
सपा की सूची


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झांसी, 31 जनवरी (हि. स.)। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर शंखनाद हो चुका है। सभी राजनैतिक दल लोकसभा क्षेत्र में अपने-अपने राजनीतिक गणित बैठाने में जुट गए हैं। एक ओर जहां हमेशा चुनावी मोड में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी का चुनाव प्रचार चल रहा है तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने भी आतुरता दिखाते हुए बीते रोज 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर यह दिखा दिया है कि वह भी चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ना चाहती है। हालांकि यह अलग बात है कि अभी तक देश की सबसे पुरानी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसे उसकी मजबूरी भी कह सकते हैं और दूसरे शब्दों में क्षेत्रीय दलों का दबाव भी कहा जा सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी ने बुंदेलखंड की बांदा लोकसभा सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान करते हुए अन्य राजनीतिक दलों के जातीय समीकरण बिगाड़ दिए हैं।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीते रोज 16 लोकसभा उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए राजनीतिक दलों को मंथन करने पर मजबूर कर दिया। इस सूची में सर्वाधिक उम्मीदवार पिछड़ा वर्ग से हैं। बुंदेलखंड की चार लोकसभा सीटों- झांसी-ललितपुर, गरौठा-जालौन,बांदा व हमीरपुर में से बांदा लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने शिव शंकर सिंह पटेल पर अपना विश्वास जताते हुए पिछड़ा वर्ग के कुर्मी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है। इसके अलावा तीन अन्य लोकसभा सीटों पर अभी तक समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से कांग्रेस को 11 लोकसभा सीटों का ऑफर देकर अपनी सकारात्मक और गठबंधन बनाए रखने की पहल को बरकरार रखा था। अब अनुमान यह लगाया जा रहा है कि बुंदेलखंड की चार सीटों में से दो पर समाजवादी पार्टी अपने उम्मीदवारों को लड़ाएगी तो वहीं दो सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि झांसी लोकसभा सीट गठबंधन में सपा या कांग्रेस में से किसके खाते में जाती है। जिसके खाते में भी जाएगी तो एक दल को छोड़कर अन्य दलों के कई दिग्गजों के राजनैतिक कैरियर हासिए पर आ जाएंगे। फिलहाल कुछ भी हो लेकिन बांदा में पिछड़ा वर्ग पर दाव लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने अन्य तीन सीटों पर जातीय समीकरण साधने को अन्य दलों को मजबूर कर दिया है। इस क्रम में अब भारतीय जनता पार्टी भी अपने उम्मीदवारों की सूची खंगालने में जुट गई है और जातीय समीकरण साधने का पूरा प्रयास करने के लिए प्रयत्नशील दिख रही है।

हिन्दुस्थान समाचार/महेश/बृजनंदन