तीर्थक्षेत्रपुरम में प्रतिदिन रुक रहे 12 हजार दर्शनार्थी
- ठहरने, खाने-पीने और दर्शन कराने की मुफ्त हो रही व्यवस्था - 26 से 30 जनवरी तक 60 हजार से अधिक दर्श
श्रीरामलला का विग्रह


श्रीरामलला का विग्रह


श्रीरामलला का विग्रह


श्रीरामलला का विग्रह


- ठहरने, खाने-पीने और दर्शन कराने की मुफ्त हो रही व्यवस्था

- 26 से 30 जनवरी तक 60 हजार से अधिक दर्शनार्थियों को मिली सुविधा

अयोध्या, 31 जनवरी (हि.स.)। श्रीरामलला के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई विशेष अंतर नहीं आ रहा है। किसी दिन इनकी संख्या घट रही है तो किसी दिन संख्या में काफी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। ठंड और गलन के बाद भी श्रद्धालुओं में जोश है। 26 से 30 जनवरी तक केवल तीर्थक्षेत्र पुरम में रुकने वाले लगभग 60 हजार श्रद्धालुओं ने श्रीरामलला का दर्शन किया है। यहाँ प्रतिदिन 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने, खाने पीने की व्यवस्था है।

26 जनवरी को ब्रज क्षेत्र से 2000 दर्शनार्थियों को श्रीरामलला का दर्शन करने आना था। इनके रहने खाने और ठहरने की व्यवस्था पुख्ता थी, लेकिन जब ये दर्शनार्थी तीर्थक्षेत्रपुरम पहुंचे तो इनकी संख्या 3000 तक पहुंच गयी। तीर्थ क्षेत्र पुरम के नगर क्रमांक 5 मा. मोरोपंत पिंगले नगर में इनके रुकने की व्यवस्था थी। संख्या अधिक होने की वजह से यहाँ बने अन्य नगरीय आवासीय व्यवस्था के अनुरूप शिफ्ट किया गया। ऐसे ही 27 जनवरी को मेरठ प्रांत से आने वाले 2000 श्रद्धालुओं की जगह यहाँ पहुंचे 2950 दर्शनार्थियों को महंत अभिरामदास जी महराज नगर और स्वामी वामदेव महाराज नगर में ठहराया गया। 29 जनवरी को भी यही हालत रही। जोधपुर भगत कोठी से 2000 की जगह 2250 और जयपुर से 2000 की जगह 2500 पहुँचने वाले दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थायें दुरुस्त करनी पड़ी। जबकि 30 जनवरी को गोरक्ष प्रांत, जोधपुर पाली और उत्तराखंड प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। इनकी संख्या क्रमशः 1993, 1350 और 1400 रही।

लाखों की संख्या में पहुंच रहे दर्शनार्थी

श्रीरामलला के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुँचने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में फिलहाल कोई विशेष अंतर नहीं आया है। हर दिन लाखों की संख्या में पहुंचकर लोग श्रीरामलला का दर्शन कर रहे हैं। बता दें कि यह संख्या तीर्थ क्षेत्र पुरम में ठहरने वाले तीर्थ यात्रियों के अतिरिक्त है। अपने वाहनों और सड़क व रेल मार्ग के अलावा हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बहुत अधिक है। यहाँ हर दिन पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगभग दो से ढाई लाख मे आंकड़े को पार कर रही है। ये दर्शानार्थी अपनी व्यवस्थाओं के अनुरूप श्रीअयोध्या जी में ठहर रहे हैं। बहुतायत श्रद्धालु यहाँ बनाये गये अनेक टेंटों के अलावा मंदिरों, होटलों आदि में ठहर रहे हैं। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षित स्थान पर इन्हें रोका जा रहा है।

तैयार की गयी है फास्ट लेन

रामजन्मभूमि में रामलला के दर्शन के लिए डेडिकेटेड फास्ट लेन तैयार कर ली गई है। जो दर्शनार्थी बिना सामान के आ रहे हैं, उन्हें सीधे फास्ट लेन से प्रवेश दिया जा रहा है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक दर्शनार्थियों को कम समय में श्रीरामलला के दर्शन करने को यह व्यवस्था की गयी है। जिन दर्शनार्थियों के पास सामान है, उन्हें अलग कतारबद्ध किया जा रहा है। सामान जमा कराने के बाद उन्हें दर्शन के लिए भेजा जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. आमोदकांत /बृजनंदन