राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने में सीयू देश भर में अग्रणी विश्वविद्यालय: कुलपति
धर्मशाला, 18 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने क
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने में सीयू देश भर में अग्रणी विश्वविद्यालय: कुलपति


धर्मशाला, 18 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने में देश भर में अग्रणी विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय में जब से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है तब से शिक्षा की गुणवत्ता में बहुत अधिक सुधार आया है। वह मंगलवार को कुलपति सचिवालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू होने के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के लिए बुकलेट के रूप में दिशानिर्देश विकसित करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है जिसे 2021 में तत्कालीन राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी किया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालय में छात्रों के समग्र एवं चहुंमुखी विकास पर बल दिया जा रहा है, जिसमें रटने की बजाय अधिक अनुभव आधारित और क्रिया आधारित शिक्षा प्रणाली की दिशा में बल दिया जा रहा है। छात्रों को इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा गांवों को गोद लेकर शिक्षा को सामुदायिक विकास के साथ जोड़ करसामुदायिक विकास में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी 2200 विद्यार्थियों की अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट पोर्टल में आईडी जेनेरेट हो चुकी है। जिससे उन्हें अब अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट तथा नेशनल अकेडमिक डिपोजिटरी का लाभ मिलेगा। अब विद्यार्थी डिजीलॉकर के माध्यम से कहीं भी डिग्री प्रिंट करवा सकते हैं और अपने सभी सर्टिफिकेट्स को सुरक्षित रख सकते हैं। विश्वविद्यालय में नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) को भी लागू किया जा चुका है। यह अकादमिक ग्रेड, कौशल कार्यक्रम और प्रासंगिक अनुभव से क्रेडिट संचय के लिए रूपरेखा प्रदान करता है। विश्वविद्यालय में पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रियाएं विनियम, 2022 को लागू किया जा चुका है। यह शोधार्थियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित शोधकर्ता और जिज्ञासु खोजकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षण संस्थाानों के प्रशासन के लिए प्रौद्योगिकी सक्षम एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरआर) आधारित समाधानों को अपनाया है, जिसके अंतर्गत स्मार्ट ऑटोमेशन इंजन (समर्थ) को लागू किया गया है, जो कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक आईसीटी पहल है। विश्वविद्यालय ने 13 भाषाओं में आयोजित सीयू सेट प्रवेश परीक्षा में भाग लिया है।

इस मौके पर कुलपति के साथ अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार, कुलसचिव प्रो. विशाल सूद, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुमन शर्मा और प्रोक्टदर प्रो. सुनील ठाकुर मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय को मिलेगा अच्छा ग्रेड: प्रो. बंसल

इस मौके पर कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि बीते दिनों केंद्रीय विश्वविद्यालय के दौरे पर आई नैक की टीम विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से काफी प्रभावित हुई है। कुलपति ने इस बार विश्वविद्यालय को बहुत अच्छा ग्रेड मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अच्छा ग्रेड मिलता है तो निश्चित रूप से आने वाले समय में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/उज्ज्वल