जातिवादी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती हैं मायावती : स्वाती सिंह
स्वाती सिंह ने मायावती से पूछा, एक भी दलित को बढ़ाया हो तो उसका नाम बताएं लखनऊ, 30 अप्रैल (हि.स.)। ब
पूर्व मंत्री स्वाती सिंह


स्वाती सिंह ने मायावती से पूछा, एक भी दलित को बढ़ाया हो तो उसका नाम बताएं

लखनऊ, 30 अप्रैल (हि.स.)। बसपा सुप्रीमो मायावती ने जिंदगी भर सिर्फ अपना स्वार्थ ही देखा है। दलित समाज को बरगलाकर अपनी राजनीति कीं और उनके भले के लिए कुछ भी नहीं किया, उन्हें आज दूसरों में जातिवादी राजनीति दिख रही है। अब जनता सब समझ चुकी है। अब वह मायावती के झांसे में नहीं आने वाली है। ये बातें पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कही।

स्वाती सिंह ने कहा कि मायावती सिर्फ जातिवादी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती हैं। कभी मुस्लिम समाज का मसीहा बताती हैं तो कभी दलित समाज का, कभी वे ब्राह्मण समाज का मसीहा बताने लगती हैं, जबकि आज तक किसी का मसीहा नहीं बन पायीं।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को ट्वीट किया कि 'यूपी निकाय चुनाव के 17 नगर निगमों में मेयर पद के लिए हो रहे चुनाव में बीएसपी ने मुस्लिम समाज को उचित भागीदारी दी है, इसे लेकर राजनीति काफी गरमाई हुई है, क्योंकि उससे खासकर जातिवादी एवं साम्प्रदायिक पार्टियों की नींद उड़ी हुई है।'

इस ट्वीट का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने कार्यकाल में किसी एक भी दलित का नाम बता सकती हैं, जिसको उन्होंने आगे बढ़ाया हो। कहा कि हकीकत है कि मायावती ने एक भी ऐसा कार्य नहीं किया जो दलित हित में हो। इसे आज हर दलित और हर धर्म के लोग समझ चुके हैं।

स्वाती सिंह ने कहा कि दलित शोषित समाज के साथ ही मुस्लिम समाज के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ हमेशा से ही दलित समाज की चिंता करते आये हैं। उज्ज्वला योजना सहित तमाम योजनाएं ऐसी चलाई गयीं, जिससे आज गरीब तबका खुशहाल है।

उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जाति और धर्म देखकर काम नहीं करती। उसकी जो भी योजनाएं हैं, उससे मुस्लिम समाज को ज्यादा फायदा पहुंचा है। मुस्लिम समाज के लोग छोटे-छोटे रोजगार से जुड़े हुए हैं और यदि कहीं भी दंगा होता है तो उस समाज को ज्यादा नुकसान होता है। योगी आदित्यनाथ की देन है कि यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ। इससे सबसे ज्यादा लाभ मुस्लिम समाज को हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र/राजेश तिवारी