पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने बजट को महिला कल्याण के लिए बताया अभूतपूर्व
- स्वाती ने कहा, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आधी आबादी का रखते हैं हमेशा ख्याल लखनऊ, 22 फरवरी (हि.स
स्वाती सिंह।


- स्वाती ने कहा, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आधी आबादी का रखते हैं हमेशा ख्याल

लखनऊ, 22 फरवरी (हि.स.)। पूर्व महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री स्वाती सिंह ने महिलाओं के कल्याण के लिए अभूतपूर्व व चतुर्दिक विकास वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि निश्चय ही इस बजट से महिलाओं के उत्थान में और अधिक अभिवृद्धि होगी। इससे महिलाओं में उत्साह भी है।

पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधी आबादी के उत्थान के लिए कृत संकल्पित हैं। हमेशा दोनों ही आधी आबादी पर विशेष ध्यान रखते हैं। यूपी सरकार द्वारा बुधवार को पेश किये गये बजट में भी इसकी झलक दिखती है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में खुलकर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए धन का प्रावधान किया, जिससे उनके विकास में चार चांद लग जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी वर्गों की पुत्रियों की शादी हेतु संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था है।

ग्रामीण महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गठन किया जाता है। इस योजना के लिए 83 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान योजनान्तर्गत वर्तमान में 32 लाख 62 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी जा रही है। इसके लिए वर्ष 2023 2024 के बजट में 4032 करोड़ रुपये की बजट का प्रावधान है।

वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आदि संचालित हैं। प्रदेश में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत अक्टूबर, 2022 तक 95 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया गया। मिशन इन्द्र धनुष के अंतर्गत 36 लाख 82 हजार से अधिक बच्चों एवं 10 लाख 31 हजार से अधिक गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र