पूजा भ्रमण की अंतिम रात कोलकाता में उमड़ा जनसैलाब
कोलकाता, 23 अक्टूबर (हि.स.)। सोमवार यानी नवमी की रात राज्य और देश के अन्य हिस्सों से कोलकाता पहुंचे
पंडाल 


कोलकाता, 23 अक्टूबर (हि.स.)। सोमवार यानी नवमी की रात राज्य और देश के अन्य हिस्सों से कोलकाता पहुंचे लोगों के लिए पूजा भ्रमण की आखिरी रात है। दशमी की शुरुआत के साथ ही प्रतिमा विसर्जन का काम भी शुरू हो जाएगा। इसके मद्देनजर नवमी की रात कोलकाता में बड़े पैमाने पर लोगों का जनसैलाब उमड़ गया है। इस दिन वैसे तो सुबह के समय से ही लोगों की भीड़ बाकी दिनों की तुलना में ज्यादा होती है लेकिन रात के वक्त भी पिछले तीन दिनों की तुलना में भीड़ अधिक उमड़ी है। दरअसल सप्तमी और अष्टमी को जिन लोगों ने भी पूजा पंडाल नहीं घुमा या जिन्होंने घुमा भी, वे भी बाकी बचे पूजा पंडालों को घूमने के लिए राजधानी की सड़कों पर पहुंच जाते हैं। यहां कमोबेश तीन हजार से अधिक बड़े दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं जहां षष्ठी, सप्तमी और अष्टमी सिर्फ तीन दिनों के अंदर घूम पाना संभव नहीं है। इसीलिए जो लोग भी दुर्गा पूजा की शुरुआत से ही के पूजा पंडालों का भ्रमण कर रहे हैं उन्होंने अष्टमी की रात तक भी सभी पूजा पंडालों का दर्शन नहीं किया होगा। इसलिए वे लोग भी नवमी को घूमते हैं। इसके अलावा वे सारे लोग जो बाकी के तीन दिनों तक किसी ना किसी वजह से दुर्गा पूजा नहीं घूम सके थे, वे भी सोमवार रात में कोलकाता की सड़कों पर उतरे हैं एवं एक के बाद एक पंडालों का भ्रमण कर रहे हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाकी दिनों की तुलना में नवमी की रात काफी अधिक भीड़ है। हावड़ा और सियालदह स्टेशन से बाहर निकले लोग बड़ी संख्या में सरकारी बसों का इस्तेमाल तो कर ही रहे हैं, प्राइवेट बसें भी पूरी तरह से भर जा रही हैं। लोग गेट पर झूलकर भी घंटों की यात्रा कर रहे हैं ताकि अपने पसंदीदा पंडाल तक पहुंच सकें। मेट्रो में भी भीड़ का आलम ऐसा है कि एंट्री और एग्जिट गेट को पूरी तरह से खोल दिया गया है। कोई बैरियर नहीं है। कूपन सिस्टम के जरिए टिकट लेकर लोग उसे दिखाते हुए धड़ल्ले से सबवे में पहुंचते हैं और ट्रेन पकड़ कर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर पहुंच जा रहे हैं। भीड़ इतनी हो रही है कि पहले मेट्रो स्टेशन यानी दमदम से खुलने वाली मेट्रो में अंतिम यानी कविसुभाष तक जाते-जाते भी लोगों की भीड़ जस की तस हो रही है। प्रत्येक स्टेशन पर हो हल्ला करते हुए जितने लोग उतरते हैं उससे अधिक चढ़ जा रहे हैं।

हावड़ा और सियालदह से शिल्पांचल के शहरों में चलने वाली लोकल ट्रेनें भी लोगों की भीड़ से खचाखच भरी हुई हैं। इन ट्रेनों में आज सुबह नौ बजे से ही भीड़ शुरू हो गई थी जो रात-रात भर पूजा घूमकर लौटने वालों से भरी रही। हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश /गंगा