कट ऑफ से अधिक अंक के बावजूद नियुक्ति क्यों नहीं, एक पद रिक्त रखने के आदेश
जयपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में कट ऑफ से अधिक अंक
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022


जयपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में कट ऑफ से अधिक अंक लाने के बावजूद अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं देने पर शिक्षा सचिव, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने को कहा है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने यह आदेश पूजा गुर्जर की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने 16 दिसंबर, 2022 को तृतीय श्रेणी शिक्षक के 7435 पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। जिसमें याचिकाकर्ता ने एमबीसी महिला वर्ग में कट ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे। एमबीसी महिला वर्ग की कट ऑफ 169.66 अंक थे, जबकि याचिकाकर्ता ने 178.93 अंक प्राप्त किए थे। कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से गत 7 जून को सूची जारी कर सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। इस सूची में याचिकाकर्ता का नाम था। याचिका में कहा गया कि ऑनलाइन आवेदन के समय याचिकाकर्ता ने अपनी शैक्षणिक योग्यता दर्शायी थी, लेकिन काउंसलिंग के समय वह अपनी बीएड की डिग्री अपलोड नहीं कर पाई। वहीं दस्तावेज सत्यापन के दौरान याचिकाकर्ता ने अपनी बीएड की डिग्री सहित सभी दस्तावेज पेश कर दिए थे और काउंसलिंग में बीएड की डिग्री अपलोड नहीं होने की जानकारी भी दे दी थी। इसके बावजूद भी चयन बोर्ड ने गत 23 सितंबर को जारी अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ता को शामिल नहीं किया। जबकि उसके पास बीएड की डिग्री भी है। ऐसे में उसे बीएड की अंक तालिका काउंसलिंग के समय अपलोड नहीं करने के चलते नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने को कहा है।

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