औषधीय-सुगंधित पौधों पर रिसर्च को आगे बढ़ाएगा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय
- सीएसआईआर-सीमैप तथा विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू - महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक ह
एमओयू पर हस्ताक्षर का हुआ आदान प्रदान


एमओयू पर हस्ताक्षर का हुआ आदान प्रदान


एमओयू पर हस्ताक्षर का हुआ आदान प्रदान


- सीएसआईआर-सीमैप तथा विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू

- महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक हर्बल वाटिका भी स्थापित कर रहा सीमैप

गोरखपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। गोरखपुर के बालापार स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने औषधीय व सुगंधित पौधों पर अध्ययन, अनुसंधान को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय सीएसआईआर-सीमैप (केंद्रीय औषधि एवं सौगंध पौधा संस्थान) लखनऊ के साथ मिलकर काम करेगा। साझा प्रयास को मूर्त रूप देने के लिए दोनों संस्थाओं के मध्य शुक्रवार को लखनऊ में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।

सीएसआईआर सीमैप के निदेशक डॉ प्रबोध कुमार त्रिवेदी तथा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एक-दूसरे को एमओयू भी सौंपा।

एमओयू के अनुसार महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि सीएसआईआर-सीमैप के सहयोग से औषधीय व सगंध पादपों के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्र को विकसित करेगा।

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने बताया कि इस आपसी समझौते से उच्च शिक्षा, रिसर्च, फैकल्टी के आदान प्रदान से दोनों संस्थाएं लाभान्वित होंगी।

औषधीय और सुगंधित पौधों का रोपण प्रारंभ

उन्होंने बताया कि सीमैप ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में एक अत्याधुनिक हर्बल वाटिका स्थापित करने हेतु मैप बनाकर तथा औषधीय और सुगंधित पौधों का रोपण प्रारंभ कर दिया है। उम्मीद है कि यह वाटिका जल्द ही मूर्त रूप ले लेगी। इसी वर्ष विश्वविद्यालय के छात्रों ने सीमैप का भ्रमण कर औषधीय व सुगंधित पौधों के गुणों तथा उनके रासायनिक अवयवों की गुणवत्ता जांचने का भी ज्ञान प्राप्त किया है।

कुलपति ने कहा

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने बताया कि औषधि व सुगंधित पौधों के क्षेत्र में रोजगारपरक अनुसंधान की व्यापक संभावनाएं हैं। सीएसआईआर-सीमैप के साथ एमओयू कर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय इस दिशा में संयुक्त पाठ्यक्रमों, अध्ययन, कार्यशालाओं, सम्मेलनों से छात्रों को लाभान्वित करेगा।

एमओयू के दौरान मौजूद रहे केंद्र सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक

एमओयू के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ जीएन सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थानों के बीच यह समझौता प्रदेश के विकास, रोजगार व स्वावलंबन में महत्वपूर्ण योगदान करने में सहायक होगा।

इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. श्रीमती प्रेमा वासुदेव, रमेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ संजय कुमार, डॉ राम सुरेश शर्मा, नरेश कुमार आदि की भी उपस्थिति रही।

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद