संयुक्त राष्ट्र ने रूसी जनमत संग्रह की भर्त्सना की
-संयुक्त राष्ट्र महासभा में 150 देशों ने यूक्रेन से रूसी सेना वापसी की मांग की कीव, 26 सितंबर (हि.स.
संयुक्त राष्ट्र ने रूसी जनमत संग्रह की भर्त्सना की


-संयुक्त राष्ट्र महासभा में 150 देशों ने यूक्रेन से रूसी सेना वापसी की मांग की

कीव, 26 सितंबर (हि.स.)। यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले चार क्षेत्रों में जनमत संग्रह की मांग के साथ ही रूसी सेना के हमले जारी हैं। यूक्रेन की सरकार ने आरोप लगाया है कि रूसी सेना ने दक्षिण के नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है।

यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने कहा है कि जनमत संग्रह यूक्रेनी जमीन को हड़पने का रूस का षड्यंत्र है। इसे विश्व मान्यता नहीं देगा। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के तीन चौथाई सदस्य देशों ने यूक्रेन पर हमले के लिए रूस की भर्त्सना के प्रस्ताव पर मतदान किया है। इन 150 देशों ने यूक्रेन से रूसी सेनाओं की वापसी की मांग की है।

यूक्रेन ने कहा है कि रूसी सेना ने शनिवार-रविवार की रात 35 सैन्य और नागरिक ठिकानों पर मिसाइल हमले और गोलाबारी की जबकि दक्षिणी यूक्रेन के बंदरगाह शहर ओडेसा पर ड्रोन से हमले किए गए। इस हमले में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है। रूस ने यूक्रेन में किसी नागरिक ठिकाने को निशाना बनाए जाने से इनकार किया है।

जानकारी के अनुसार खेरसान में यूक्रेनी सेना ने एक होटल को निशाना बनाया जिससे दो नागरिकों की मौत हो गई। खेरसान पर युद्ध के शुरुआती दिनों में ही रूसी सेना ने कब्जा कर लिया था। यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले लुहांस्क, डोनेस्क, खेरसान और जपोरीजिया इलाकों में रविवार को तीसरे दिन भी जनमत संग्रह जारी रहा।

यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि आमजनों को घरों में रहने और अनिवार्य रूप से मतदान करने के लिए कहा गया है। रूसी सेना रूस में शामिल होने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान के लिए नागरिकों को धमका रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि दुनिया को एक स्वर में रूसी जनमत संग्रह और यूक्रेन में तीन लाख सैनिकों की तैनाती की घोषणा की निंदा करनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में संबोधन के बाद न्यूयार्क में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि जनमत संग्रह में अगर आमजनों की रूस में शामिल होने की इच्छा जाहिर हुई तो रूसी नागरिक के रूप में उनकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया जाएगा। जनमत संग्रह वाले इलाके रूस की धरती कहलाएंगे और वहां की वैसे ही सुरक्षा की जाएगी जैसे कि किसी अन्य रूसी इलाके की होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / अजीत तिवारी


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