बर्थ एनिवर्सरी 26 सितंबर: अपने जमाने के फैशन आइकन थे देव आनंद
दिवंगत अभिनेता देव आनंद हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं से एक थे, जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से दर्शको
बहुमुखी प्रतिभा के धनी देव आनंद का नाम एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने ना सिर्फ अभिनय के क्षेत्र में बल्कि फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।


दिवंगत अभिनेता देव आनंद हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं से एक थे, जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों के जीतने के साथ ही सफलता की ऊंचाइयों को भी छुआ। उनका जन्म 26 सितंबर 1923 को पंजाब में हुआ था। देव आंनद का असली नाम धर्म देवदत्त पिशोरीमल आंनद था। देव आंनद ने अपनी करियर की शुरुआत 85 रुपये की तनख्वाह पर एक कंपनी में अंकाउटेंट की नौकरी के साथ की थी। बतौर हीरो देव आनंद पहली फिल्म 1946 में रिलीज हुई 'हम एक हैं' थी। देव आनंद की प्रमुख फिल्मों में गाइड, हरे कृष्णा हरे राम, देस परदेस, ज्वेल थीफ और जॉनी मेरा नाम आदि शामिल हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी देव आनंद का नाम एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने ना सिर्फ अभिनय के क्षेत्र में बल्कि फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। वर्ष 1950 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म अफसर का निर्माण किया। इसके अलावा उन्होंने हमसफर, टैक्सी ड्राइवर, हाउस न. 44, फंटूश, कालापानी, काला बाजार, हम दोनों, तेरे मेरे सपने, गाइड और ज्वेल थीफ आदि कई फिल्में शामिल हैं।

साल 2001 में देव आनंद को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, इसके बाद अगले साल 2002 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला। देव आनंद को 1991 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था।

साल 1954 में देव आनंद ने उस समय की मशहूर अभिनेत्री कल्पना कार्तिक से शादी की, जो अंतिम समय तक उनके साथ रहीं। तीन दिसंबर, 2011 को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से देव आनंद का निधन हो गया।देव आनंद अब इस दुनिया में बेशक नहीं हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में उनका नाम सदैव अमर रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरभि सिन्हा


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