पटना हाई कोर्ट ने हत्या मामले में आरोपित महिला को उम्रकैद की सजा से किया बरी
पटना, 22 सितंबर (हि.स.)। पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महिला को हत्या के मामले में संदेह का लाभ दे
पटना हाई कोर्ट ने हत्या मामले में आरोपित महिला को उम्रकैद की सजा से किया बरी


पटना, 22 सितंबर (हि.स.)। पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महिला को हत्या के मामले में संदेह का लाभ देते हुए उम्रकैद की सजा से बरी कर दिया। अपीलार्थी महिला पर उसकी चार साल की भतीजी की हत्या करने का आरोप था।

जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने चार साल की भतीजी की हत्या के मामले आरोपित नसरा खातून की अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। आरोपित भीख मांगकर जीवन व्यतीत करती है। दरअसल, 20 जुलाई, 2010 को गांव की भीड़ ने उस पर हत्या का आरोप लगाते हुए उसे पुलिस को सौंपा था। उस दिन से ही वह जेल में बंद थी और फिर कभी बाहर नहीं निकली। दरभंगा की एक निचली अदालत ने आरोपित को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हज़ार रुपये जुर्माना भरने की सजा 2013 में सुनायी। इसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील दायर की।

उल्लेखनीय है कि अपीलार्थी जेल के अंदर ही एक बच्चे की मां बनी और इसी आधार पर उसकी सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी थी। अपील के ज्यादा वर्षों से लंबित रहने उसकी तरफ से कोई वकील खड़ा नहीं रहने और अपीलार्थी की गरीबी को देखते हुए हाई कोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट आशहर मुस्तफा को कोर्ट मित्र नियुक्त करते हुए लगातार सुनवाई जारी रखा। एडवोकेट मुस्तफा ने अभियोजन के गवाहों में विरोधाभास निकालते हुए बताया कि इस हत्या का कोई चश्मदीद नहीं था। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए महिला को उम्रकैद से बरी करने का आदेश दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/ चंदा


 rajesh pande