(राउंडअप) नई आबकारी नीति में घिरे सिसोदिया, आप ने शिक्षा मॉडल को आगे कर किया बचाव
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली में नई आबकारी नीति को लेकर सीबीआई की छापेमारी पर शुक्रवार को दिन
Roundup New Liqure Policy and CBI Raid 


नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली में नई आबकारी नीति को लेकर सीबीआई की छापेमारी पर शुक्रवार को दिनभर राजनीति होती रही। भाजपा ने नई शराब नीति में भ्रष्टाचार को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश की। वहीं आप पार्टी ने शिक्षा क्षेत्र में दिल्ली मॉडल का जिक्र कर मनीष सिसोदिया सिसोदिया का बचाव किया। इसी बीच सीबीआई की एफआईआर भी सामने आई जिसमें आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया ने अपने सहयोगियों के जरिए लाभ कमाया है।

सीबीआई ने सात राज्यों में 31 ठिकानों पर छापेमारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का कहना है कि उसकी ओर से आज दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास सहित 7 राज्यों के 31 स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ, बेंगलुरु और अन्य स्थानों पर की गई। इसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, लेख और डिस्टल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।

नई आबकारी नीति में शराब कंपनियों और बिचौलियों को शामिल किया गयाः सीबीआई

केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली में नई आबकारी नीति को लेकर दर्ज अपनी एफआईआर में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपित बनाया है। अपनी एफआईआर में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नई शराब नीति बनाने और उसको लागू कराने में शराब कंपनियों और बिचौलियों को शामिल किया गया। साथ ही मनीष सिसोदिया के करीबी सहयोगी के माध्यम से शराब लाइसेंस धारियों से कमीशन प्राप्त किया।

सिसोदिया ने सहयोगियों के जरिए कमाया पैसाः सीबीआई

सीबीआई ने बुधवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आवकारी विभाग से जुड़े पूर्व कमिश्नर आवा गोपी कृष्णा, पूर्व डिप्टी कमिश्नर आनंद तिवारी, पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर पंकज भटनागर और 10 शराब लाइसेंस धारकों, उनके सहयोगियों और अज्ञात के खिलाफ है।

सीबीआई का आरोप है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति में कई तरह की अनियमितताएं बरती गई। अनियमितताएं आबकारी नीति में बदलाव, कुछ लाइसेंस धारकों को बेजा लाभ पहुंचाने, लाइसेंस फीस को कम करने और माफ करने और एल1 लाइसेंस को बिना मंजूरी के विस्तार देने से जुड़ी हैं। इसके जरिए अवैध लाभ कमाया गया है और इसके लिए निजी पार्टियों ने अपने खातों में झूठी प्रविष्टियां दिखाई हैं।

एफआईआर में सीबीआई ने कहा है कि मनीष सिसोदिया ने अपने सहयोगियों अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे की मदद से शराब लाइसेंस धारियों से कमीशन प्राप्त किया। निजी शराब विक्रेता कंपनी इंडोस्पिरिट ने मनीष सिसोदिया के सहयोगी दिनेश अरोड़ा से जुड़ी कंपनी को एक करोड़ ट्रांसफर किए। अर्जुन पांडे ने एक बार विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रु से लोक सेवकों को धन देने के लिए लगभग 2 से 4 करोड रुपए एकत्र किए हैं।

आप पार्टी का आरोप- शिक्षा क्रांति से डरी भाजपा कर रही डराने की कोशिश

मनीष सिसोदिया के घर में सुबह हुई छापेमारी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता, सांसदों और विधायकों दिनभर इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिल्ली की शिक्षा क्रांति से डरी हुई है, इसलिए सीबीआई के जरिए डराना चाहती है। सीबीआई की टीम का वे स्वागत करते हैं। उनका सहयोग किया जाएगा। पहले भी कई जांच और रेड हुए हैं, जिसमें कुछ नहीं निकला। अब भी कुछ नहीं निकलेगा। दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल की पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। इसे वे रोकना चाहते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि हमें इससे डरना नहीं है, बल्कि भारत को बहुत आगे लेकर जाना है। भारत को दुनिया का नम्बर वन देश बनाने के लिए साथ आयें। इस मिशन से जुड़ने के लिए 9510001000 पर मिस कॉल करें। हमें देश के 130 करोड़ लोगों को जोड़ना है।

भाजपा ने पूछा- आप नेता बताएं, शराब नीति वापस क्यों ली

भाजपा नेताओं ने नई शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी को घेरा। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि नई शराब नीति से राजस्व को घाटा क्यों हुआ और आखिर क्यों दिल्ली सरकार ने इस नीति को वापिस लिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं को यह बताना चाहिए कि जब शराब नीति इतनी ही अच्छी थी तो उसे वापस क्यों लिया गया। तिवारी ने कहा कि आप सरकार नई शराब नीति लाकर आठ हजार करोड़ का घोटाला कर चुकी है। इस मुद्दे पर राज्य के उपमुख्यमंत्री को जवाब देना ही होगा।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि शराब घोटाले का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नई शराब नीति आने के बाद इसकी बिक्री तो खूब बढ़ी लेकिन शराब से मिलने वाला राजस्व लगभग 80 फीसदी घट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार शराब माफिया के लिए काम कर रही थी। यह पहला मौका नहीं है जब आप के किसी नेता के घर रेड पड़ी है। इस पार्टी का भ्रष्टाचार से पुराना नाता है।

कांग्रेस ने जांच कार्रवाई का किया समर्थन, मांगा इस्तीफा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल ने कहा कि राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले का आरोप है। ऐसे में इन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। चौधरी ने कहा कि सीबीआई यह जरूर पता करेगी कि शराब घोटाले का दीप मल्होत्रा व पंजाब कनेक्शन क्या है?, 18 नॉन-कंफर्मिंग विधानसभा में किसने ठेके खुलवाए?, युवाओं को शिक्षा ग्रहण के उम्र में शराब की तरफ क्यों धकेला? उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार शराब नीति का विरोध कर रही है। विरोध के क्रम में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने 03 जून को लिखित शिकायत की थी। दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन किया। केन्द्रीय मंत्री हरदीप पूरी से 14 दिसंबर 2021 को जाकर मिले। 15 फरवरी को मुख्यमंत्री के घर का घेराव किया। 13 फरवरी अन्ना हजारे को पत्र लिखा।

विभिन्न राजनीतिक दलों ने कार्रवाई का किया विरोध

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री पर सीबीआई कार्रवाई पर कुछ राजनीतिक दलों ने केन्द्र सरकार पर सरकारी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ कर रही है। इसमें आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को विपक्षी पार्टियों से जिस तरह से समर्थन मिल रहा है वैसे ही समर्थन उन्हें भी केन्द्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान विपक्षी पार्टियों को देना चाहिए।

आप कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

मनीष सिसोदिया के आवास पर सीबीआई छापेमारी के खिलाफ आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया जिसके चलते उन्हें हिरासत में भी लिया गया। पार्टी समर्थक मथुरा रोड पर स्थित सिसोदिया के आवास के निकट एकत्र हुए और प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया और बसों के जरिये वसंत कुंज पुलिस थाने ले गए।

मुख्यमंत्री ने न्यूयार्क टाइम्स की खबर को बनाया ढाल

सिसोदिया के बचाव में आए केजरीवाल ने न्यूयॉर्क टाइम्स में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था और उसमें मनीष सिसोदिया के प्रकाशित फोटो का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ने मान लिया कि मनीष सिसोदिया दिल्ली और देश के ही नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतर शिक्षा मंत्री हैं। इसलिए उन पर सीबीआई रेड कर परेशान किया जा रहा है।

आगे उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली एवं अमीर देश है। अमेरिका का सबसे बड़ा अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स है। इसमें खबर छपाने के लिए, छपने के लिए बहुत मुश्किल होती है। कल के न्यूयॉर्क टाइम्स के पहले पेज पर दिल्ली की शिक्षा मॉडल की खबर छपी। इसमें लिखा है कि दिल्ली में शिक्षा क्रांति हो रही है, सरकारी स्कूल बहुत शानदार हो गए हैं। प्राइवेट स्कूलों से नाम कटवाकर लोग सरकारी स्कूल में दाखिला करवा रहे हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपने परिवारों की गरीबी दूर कर रहे हैं। भारत के बारे में इतनी अच्छी खबर छपना, सभी भारतवासी का सीना चौड़ा होना जैसा है।

भाजपा ने खबर को बताया पेड न्यूज

न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से छापे गए इस लेख पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह ‘पेड़ न्यूज’ है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल गजब के विज्ञापनजीवी हैं। अब विदेशों में भी विज्ञापन पर खूब खर्चा करके न्यूयार्क टाइम्स और खालीज टाइम्स में एक जैसा विज्ञापन छपवाया है। आप केवल जनता की मेहनत की कमाई पर बस अपना प्रचार-प्रसार करवा रहे है।

सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने लेख में एक तस्वीर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लेख में छपी सरकारी स्कूल का फ़ोटो असल में निजी ‘मदर मैरी स्कूल, मयूर विहार’ का है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई काम बिना हेरा-फेरी के नहीं कर सकती। दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने लेख को लिखने वाले व्यक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इसे लिखने वाला लेखक करनदीप सिंह खालिस्तानी विचारधारा से जुड़ा है। अरविंद केजरीवाल ने खालिस्तानी लेखक के जरिए पैसे के दम पर लेख छपवाए हैं।

आप नेताओं ने दी चुनौती, भाजपा अपनी उपलब्धियों पर समाचार छपवाकर दिखायें

इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा के बयान हास्यास्पद हैं। वहां कभी किसी भाजपा नेता की खबर नहीं छपी। भाजपा खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है। यह सबसे अमीर राजनीतिक दल है। अगर कोई उन्हें खरीद सकता है तो उन्हें न्यूयॉर्क टाइम्स के पहले पन्ने पर रोजाना दिखना चाहिए।

आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा कुछ भी कह रही है। भाजपा में जितना दिमाग है उतना ही सोच पाती है। न्यूयार्क टाइम्स के फ्रंट पर दिल्ली की शिक्षा क्रांति पर ख़बर छपी। खलीज टाइम्स ने न्यूयार्क टाइम्स के साभार देते हुए ख़बर छापी तो भाजपा के हिसाब से वो पेड न्यूज हो गई? समाचार एजेंसियों के समाचार अगर अखबार छापें तो क्या वे पेड न्यूज होते हैं।

न्यूयार्क टाइम्स ने कहा- उनका समाचार पेड न्यूज नहीं

विवाद में आने के बाद न्यूयार्क टाइम्स ने भी स्पष्टीकरण जारी किया है। अखबार का कहना है कि दिल्ली की शिक्षा प्रणाली के बारे में हमारी रिपोर्ट निष्पक्ष, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग पर आधारित है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता स्वतंत्र है, राजनीतिक या विज्ञापनदाता के प्रभाव से मुक्त है। अन्य समाचार आउटलेट नियमित रूप से हमारे कवरेज को पुनः प्रकाशित करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/अनूप

 

 rajesh pande