राजस्थान में जारी रहेगा बारिश का दौर, कोटा संभाग के बड़े बांधों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
जयपुर, 15 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में मानसून की मेहरबानी के कारण पिछले 24 घंटे में जयपुर के आस-पास क
राजस्थान में जारी रहेगा बारिश का दौर, कोटा संभाग के बड़े बांधों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी


जयपुर, 15 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में मानसून की मेहरबानी के कारण पिछले 24 घंटे में जयपुर के आस-पास के क्षेत्र में पांच इंच तक बरसात हुई। सबसे ज्यादा बारिश दूदू के मौजमाबाद क्षेत्र में पांच इंच हुई। राजस्थान और मध्यप्रदेश में हो रही बारिश के चलते कालीसिंध, चंबल नदियों में लगातार पानी आ रहा है। इसके चलते कोटा संभाग में बने बड़े बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन तक 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम केन्द्र जयपुर के मुताबिक पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में बना एक लो प्रेशर सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया था। इस सिस्टम का मूवमेंट पश्चिमी भारत की ओर है और ये मध्य प्रदेश में एंट्री कर चुका है। इस कारण मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में आज कई जगह तेज बरसात हो रही है। ये सिस्टम धीरे-धीरे अब आगे बढ़कर राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से तक आ गया है। संभावना है कि देर शाम तक इस सिस्टम के असर से कोटा, उदयपुर संभाग के झालावाड़, प्रतापगढ़, बारां, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

अगले 24 से 36 घंटे के दौरान दक्षिणी राजस्थान से आगे पश्चिम में पाकिस्तान की तरफ मूव करेगा, जिससे जोधपुर संभाग के बाड़मेर, जालोर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर जिलों में मंगलवार को भारी बारिश होने का अनुमान है। बारां, झालावाड़, कोटा में लगातार हो रही बारिश और मध्यप्रदेश से आ रहे पानी के कारण बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। झालावाड़ के कालीसिंध बांध के दो गेट से 16 हजार क्यूसेक और कोटा बैराज के दो गेट से 7334 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा झालावाड़ के भीम सागर के दो और छापी, राजगढ़ बांध के एक-एक गेट से पानी की निकासी की जा रही है।

पिछले 24 घंटे में जयपुर, बारां, बूंदी, दौसा, भरतपुर, और अलवर जिलों में अच्छी बरसात हुई। सबसे ज्यादा बारिश जयपुर जिले के दूदू में मौजमाबाद एरिया में 124 मिलीमीटर (5 इंच) और 4 इंच बारिश छापरवाड़ा में हुई। देर रात हुई तेज बारिश के बाद यहां एक मकान की दीवार ढह गई। इसके सहारे लगा टीनशेड भी गिर गया। मलबे के नीचे दबने से पांच बकरियाें की मौत हो गई। तेज बारिश के बाद मौजमाबाद का एकमात्र बांध नया सागर पर चादर चलने लगी। मीरापुरा गांव में एनिकट टूटने के बाद मेरापुरा का तालाब टूटने का संकट गहरा गया है। नरैना, दूदू, जोबनेर में भी अच्छी बरसात हुई।

प्रदेश के अजमेर में 30.6 डिग्री सेल्सियस, भीलवाड़ा में 31.2, वनस्थली में 29.1, अलवर में 30.4, जयपुर में 27.8, पिलानी में 34.2, सीकर में 28.5, कोटा में 30.8, बूंदी में 32.5, चित्तौड़गढ़ में 30.8, डबोक में 29.5, बाड़मेर में 30.5, पाली में 32.4, जैसलमेर में 32.1, जोधपुर में 31.3, फलौदी में 34.4, बीकानेर में 34, चूरू में 33.6, श्रीगंगानगर में 35.7, धौलपुर में 30.8, नागौर में 32.9, टोंक में 30.1, बारां में 29.9, डूंगरपुर में 32.7, हनुमानगढ़ में 36.1, जालोर में 30.2, सिरोही में 30.6, सवाई माधोपुर में 30.1, करौली में 29.7 और बांसवाड़ा में 32.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।

जयपुर व टोंक सहित अन्य जिलों की पेयजल आपूर्ति वाले बीसलपुर बांध में जलस्तर में बढ़ोतरी का दौर जारी है। बांध में बीते 12 घंटों में 10 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है। कैचमेंट एरिया से त्रिवेणी में भी पानी का जलस्तर बढ़ रहा है। सोमवार को गेज 3.70 मीटर रहा। बांध में पानी का जलस्तर 311.57 आरएल मीटर है।

हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप

 

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