तिरंगा मात्र एक झंडा नहीं, हर भारतीय की पहचान और मान-सम्मान व हमारी शानः केंद्रीय मंत्री सिंधिया
- सिंधिया ग्वालियर में “हर घर तिरंगा” अभियान में हुए शामिल -विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर चित्र प्र
तिरंगा मात्र एक झंडा नहीं, हर भारतीय की पहचान और मान-सम्मान, हमारी शानः केंद्रीय मंत्री सिंधिया


- सिंधिया ग्वालियर में “हर घर तिरंगा” अभियान में हुए शामिल

-विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर चित्र प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

ग्वालियर, 14 अगस्त (हि.स.)। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि तिरंगा मात्र एक झंडा नहीं बल्कि हर भारतीय की पहचान और मान-सम्मान है, हमारी शान है। हमारा तिरंगा हमारी महान विभूतियों के तप और त्याग का प्रमाण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान से तिरंगे के साथ हमारा संबंध सिर्फ औपचारिक नहीं रह गया है बल्कि तिरंगे का हर घर-घर के साथ ही, हर भारतवासी के दिल में बस गया है।

सिंधिया रविवार को ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई की छत्री परिसर में हर घर तिरंगा और अमृत महोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर एक चित्र प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई का उल्लेख करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने विश्व इतिहास में अपनी वीरता और शौर्य की अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी किसी अन्य देश या माटी के प्रति आक्रामकता की दृष्टि से नहीं देखा। भारतवासी होने के नाते हमें इस बात का गर्व है कि भारत की माटी में ऐसी ताकत है कि ये कभी किसी के आगे नहीं झुकी है और बाहरी आक्रमणकारियों को सदैव मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमारी भारत भूमि पवित्र भूमि है। चाहे मुग़ल फ़ौज हो, पुर्तगाली हो या अंग्रेज़ फ़ौज हो, किसी भी आक्रमणकारी को इस भारत भूमि पर टिकने नहीं दिया गया।

विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि हमें विभाजन के इतिहास को जानना और समझना होगा। तभी हम वर्तमान का मार्ग तय कर सकेंगे और भविष्य की रणनीति भी बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय ग्वालियर में महाराजा जीवाजी राव सिंधिया ने शरणार्थियों की भरपूर सहायता की थी। उन्होंने कहा कि भारत सभी को अपनानेवाला देश है। हमारे ग्रंथों में है कि पूरा विश्व एक परिवार है। यही कारण है कि यूक्रेन संकट के दौरान पोलैंड, रूमानिया और अन्य देशों में रहनेवाले प्रवासी भारतीयों ने भारतीयों की खूब मदद की।

कार्यक्रम में सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि आज़ादी हमें मुफ्त में नहीं मिली थी, विभाजन के कारण पीड़ादायक स्थिति भी बनी। उन्होंने भारत के इतिहास को सही ढंग से सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में अनेकों लोगों ने बलिदान दिया व देश के बटवारे में अनेक परिवार बेघर हुए एवं अपनी सम्पत्ति और अपनों को खोने के लिये मजबूर हुए। देश के युवाओं को अपने इतिहास को जानना चाहिए।

कार्यक्रम के शुरू में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने रानी लक्ष्मीबाई समाधि परिसर में तिरंगा फहराया और वीरांगना को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और विभाजन की विभीषिका झेलनेवाले कुछ लोगों का सम्मान भी किया।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ग्वालियर केंद्रीय जेल में आयोजित तिरंगा कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने घर-घर तिरंगा के अभियान के तहत ध्वजारोहण किया। इसके बाद विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और विभाजन की विभीषिका का सामना करने वाले 1947 में ग्वालियर आए नागरिकों का शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश

 

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