तेलुगु भाषी राज्यों में थम नहीं रही आसमानी आफत, येलो अलर्ट
हैदराबाद, 26 जुलाई (हि.स.)। तेलुगुभाषी राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में थोड़ी राहत के बाद फिर से
तेलुगू भाषाई राज्यों


हैदराबाद, 26 जुलाई (हि.स.)। तेलुगुभाषी राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में थोड़ी राहत के बाद फिर से बारिश का कहर बरपने वाला है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

तेलंगाना राज्य के लिए मौसम विभाग ने आदिलाबाद, कोमरम भीम आसिफाबाद, मंचिरियाल, निर्मल, निजामाबाद, जगित्याल, राजन्ना सिरसिल्ला, करीमनगर, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोत्तागुडेम, खम्मम तथा पेद्दापल्ली जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने सोमवार देर रात जारी अपने बुलेटिन में कहा कि अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। इस बीच नलगोंडा के कनागल में सबसे अधिक 42 मिमी, घनपुर में 41 मिमी और कोडंडापुरम जल संयंत्र में 37.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में औसत बारिश 6.9 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य बारिश 7.3 मिलीमीटर थी। 1 जून से 25 जुलाई तक राज्य की औसत संचयी वर्षा 648.8 मिमी थी।

कोत़ागुडेम जिले के भद्राचलम में गोदावरी नदी के कारण क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और सोमवार शाम को यह पहले चेतावनी स्तर को पार कर गया। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार दोपहर 12 बजे 9.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर 43.60 फीट था। जल स्तर पहले चेतावनी स्तर से ऊपर स्थिर रहा और शाम 6 बजे 9.55 लाख क्यूसेक के साथ जल स्तर 43.50 फीट पर था। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण यह फिर से बढ़ गया। अधिकारियों ने कहा कि अगर बारिश जारी रहती है तो जल स्तर में और वृद्धि होने की उम्मीद है। इस बीच पिछले 24 घंटों के दौरान कोतागुडेम जिले में हल्की से मध्यम बारिश हुई। चेरला मंडल में 6.2 सेंटीमीटर, पिनापका में 5.9 सेंटीमीटर, मनुगुर में 5 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि टेकुलापल्ली और भद्राचलम दोनों मंडलों में 2.6 सेंटीमीटर बारिश हुई।

अन्य तेलुगू भाषी राज्य आंध्र प्रदेश में बाढ़ का खतरा अभी तक टला नहीं है। बीती देर रात आंध्र प्रदेश सचिवालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी गई कि बारिश के कारण आंध्र में सात लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कल इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कोनासीमा जिले में पांच लोगों तथा एवं एलुरु और पश्चिम गोदावरी जिले में एक-एक व्यक्ति को मौत हुई। इनमें से ज्यादातर की जान उफनती नदी में डूब जाने से हुई। इन सभी के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गयी है।

जल संसाधन विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने की स्थिति में जरूरी कदम के लिए चौकस रहने को कहा है। पिछले 12 दिनों से सबसे अधिक प्रभावित मंडलों में एक कुकुनूर में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की एक-एक टीम राहत अभियान के लिए तैनात है।

मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी मंगलवार को बाढ़ प्रभावित कोनासीन जिले में जायेंगे और प्रभावित लोगों से बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक बयान के अनुसार वह जिले में कुछ गांवों में जाएंगे तथा राहत कार्यों का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री बाद में राजमहेंद्रवरम जाएंगे और संपूर्ण स्थिति पर समीक्षा बैठक करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार/ नागराज/दधिबल

 

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