पीओपी की मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहींः हाई कोर्ट
हैदराबाद, 22 जुलाई (हि.स.)। तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भूयान तथा न्यायाधीश
नागराज


हैदराबाद, 22 जुलाई (हि.स.)। तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भूयान तथा न्यायाधीश जस्टिस सूरेपल्ली नंदा की खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से तैयार की गई गणेश की प्रतिमाओं को तैयार करने तथा उनकी बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि वह प्रतिमाओं की ऊंचाई को नियंत्रित करने के लिए किसी भी प्रकार के आदेश जारी नहीं कर सकता।

अदालत ने आदेश दिया कि इन प्रतिमाओं का विसर्जन हुसैन सागर झील में न किया जाए। खंडपीठ ने कहा कि हैदराबाद में नदी या समुद्र नहीं रहने के कारण प्लास्टर ऑफ पेरिस से तैयार की गई गणेश मूर्तियों का विसर्जन करने में समस्या हो रही है। इसलिए इन मूर्तियों का विसर्जन नगर निगम (जीएचएमसी) द्वारा तैयार किए जाने वाले बेबी पांड्स (जल कुंड) में ही करें।

प्लास्टर ऑफ पेरिस की गणेश प्रतिमाओं को तैयार करने पर प्रतिबंध लगाते हुए सीपीसीबी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को रद्द करने की मांग करते हुए तेलंगाना गणेश मूर्ति कलाकार कल्याण संघ तथा कोविड के कारण नहीं बिकी प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों की बिक्री करने के लिए अनुमति देने की मांग करते हुए दायर एक जनहित याचिका पर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पुनः सुनवाई की। अदालत ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर अंतिम सुनवाई के दौरान आवश्यक आदेश अदालत जारी करेगी। मामले की सुनवाई 4 सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एम.वी. दुर्गाप्रसाद ने दलील पेश करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का वैज्ञानिक अध्ययन किए बगैर प्लास्टर ऑफ पेरिस को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उसे प्रतिबंधित करना गलत है। इसका प्रतिकूल प्रभाव प्रतिमाओं को तैयार करने पर पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा केवल एक वर्ष के लिए आदेश जारी करने पर इस पर स्थायी तौर पर अमल में लाए जाने वाले दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ ने याद दिलाया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाएं तैयार करने पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इसलिए इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार का नया आदेश जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा माता की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अपनाए जा रहे दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने की सलाह सरकार को दी। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पी. राधीव रेड्डी ने हस्तक्षेप करते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई कम करने का आदेश देने की मांग अदालत से की। अदालत ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।

तेलंगाना गणेश मूर्ति कलाकार वेलफेयर एसोसिएशन के अधिवक्ता महेश सिंह ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा पीओपी प्रतिमा कलाकारों के पक्ष में सुनाये गये फैसले पर हर्ष जताया। महेश सिंह ने बताया कि कोर्ट द्वारा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से प्रतिमाएं बनाने और बिक्री करने की अनुमति प्रदान की गई। न्यायाधीश ने सरकारी अधिवक्ता द्वारा प्रतिमाओं की ऊंचाई को सीमित करने की मांग भी खारिज कर दी। इसके अलावा पुलिस व अन्य विभागों को पीओपी से प्रतिमाएं बनाने और बिक्री करने पर हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश दिया। महेश सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम (जीएचएमसी) द्वारा तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर कोर्ट में पेश किया गया, जिसकी असलियत जानने के बाद न्यायाधीश ने संबंधित पक्षों को फटकार लगायी।

हिन्दुस्थान समाचार/ नागराज/दधिबल

 

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