अजित भुइंया जैसे राजनेता झूठ और भ्रष्टाचार से असम के लोगों को भ्रमित नहीं कर सकते- भाजपा
गुवाहाटी, 02 जुलाई (हि.स.)। राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां असम प्रदेश भजपा की चुनौती को स्वीकार कर
अजित भुइंया जैसे राजनेता झूठ और भ्रष्टाचार से असम के लोगों को भ्रमित नहीं कर सकते- भाजपा


गुवाहाटी, 02 जुलाई (हि.स.)। राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां असम प्रदेश भजपा की चुनौती को स्वीकार करने में विफल रहे। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सुभाष दत्ता, मनोज बरुवा और जानकी खाउंड ने शनिवार को एक बयान जारी कर विपक्षी सांसद अजीत कुमार भुइयां पर झूठ और दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है। अजीत कुमार भुइयां ने दावा किया था कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक राहत शिविर में दस दिनों में एक किलो चावल, एक पाव दाल और एक सौ ग्राम मीठा तेल प्रदान किया जाता है।

भुइयां के इन आरोपों के संबंध में भाजपा ने अजीत कुमार भुइयां को चुनौती दी थी कि वे शिविर का नाम और वहां रहने वाले लोगों के नामों को सार्वजनिक करें। सांसद भुइयां भाजपा की इस चुनौती को स्वीकार करने के नाम पर संवाददाता सम्मेलन के जरिए भ्रष्टाचार के नाम पर पूरे विषय को बदनाम करने में जुट गए हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने शनिवार को पुनः एक बार अजित कुमार भुइयां को चुनौती दी है कि उनके पास कोई तथ्य है तो वे सार्वजनिक करें। भाजपा ने कहा है कि असम में बाढ़ राहत की कोई कमी नहीं है, जैसा कि उन्होंने आरोप लगाया है। वर्तमान में राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में बाढ़ राहत की समीक्षा चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि अब तक 2,62 करोड़ रुपये एसडीआरएफ फंड, केंद्र सरकार के हिस्से का 90 फीसदी राज्य को जारी किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 48(1)(ए) के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 478.80 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2019-20 में 503.10 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020-21 में 772 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021-22 में 308 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा असम को जारी किए गए हैं। अजीत कुमार भुइयां को पता होना चाहिए कि अगर एसडीआरएफ फंड कम है या एसडीआरएफ फंड बाढ़ की स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं है, तो एनडीआरएफ फंड केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है। चूंकि एसडीआरएफ फंड राज्य सरकार को अब तक पर्याप्त मात्रा में जारी किया गया है, इसलिए एनडीआरएफ फंड अभी तक जारी नहीं किया गया है।

प्रदेश भजपा ने अजीत कुमार भुइयां को फिर से चेतावनी दी कि उन्हें झूठ का सहारा लेकर लोगों के बीच नकारात्मक जानकारी फैलाने के बजाय बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए। यह हास्यास्पद और शर्मनाक है कि उनके जैसा व्यक्ति बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग कर रहा है। उन्हें बाढ़ को देखने के लिए हेलीकॉप्टर की तलाश में अपनी महत्वाकांक्षा को साबित किया है।

भाजपा ने कहा कि अजीत कुमार भुइयां जैसे राजनेताओं, जो सीएए आंदोलन के बहाने संसद पहुंच गए हैं, उन्होंने अपने जीवन में झूठ और दुष्प्रचार के अलावा कुछ भी नहीं किया है। इसलिए अजीत कुमार भुइयां का ऐसा व्यवहार सामान्य है। भाजपा प्रवक्ताओं ने अजीत कुमार भुइयां के बयान का खंडन किया और कहा कि अगर किसी को एसडीआरएफ नीति और राहत नियमावली के अनुसार खाद्य सामग्री नहीं मिली है तो वह इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। भाजपा नेतृत्व वाली सरकार उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा ने कहा कि वे चुनौती स्वीकार नहीं करते हैं और आरोपों को साबित नहीं कर पाते हैं और सिर्फ झूठे आरोप लगाते हैं तो इससे बाढ़ पीड़ितों का कोई भला नहीं होने वाला है। इसके बजाय, उन्हें अपने समय का उपयोग ईमानदारी से पीड़ितों के साथ खड़े होने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए करना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद


 rajesh pande