आईसीडीएस की बैठक में दिए गए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में तेजी लाने के निर्देश
बेगूसराय, 23 जून (हि.स.)। समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगत
बैठक


बेगूसराय, 23 जून (हि.स.)। समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा गुरुवार को डीएम रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में कारगिल विजय सभा भवन में की गई। समीक्षा में डीएम ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्धारित प्रावधान का पालन करते हुए संचालित करने, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तीसरे किस्त के भुगतान में प्रगति लाने, द्वितीय किस्त के लंबित मामलों को अविलंब निष्पादन करने, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के स्तर पर लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भूमि चिन्हित करते हुए अंचलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने, सेविका एवं सहायिका के चयन संबंधी लंबित मामलों के यथाशीघ्र निष्पादन करने के साथ-साथ परियोजना में प्राप्त परिवादों का समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण एवं भौतिक सत्यापन कार्यों के निष्पादन में सहयोग करने का भी निर्देश दिया। बैठक के दौरान डीएम ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी वीरपुर, चेरिया बरियापुर, मंसूरचक एवं तेघड़ा को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लंबित मामलों को अगली बैठक से पूर्व निष्पादित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के क्रियान्वयन गति में वृद्धि करने तथा महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की नियमित रूप से समीक्षा करते विभागीय निर्देशानुसार कार्य करने तथा सेविका एवं सहायिका के चयन संबंधी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया।

जिले में लंबित 429 परिवादों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को लंबित मामलों को अगली बैठक से पूर्व निष्पादित करने तथा आंगन ऐप के माध्यम से निरीक्षण नियमित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 18 परियोजनाओं में वर्तमान में 3356 आंगनबाड़ी केंद्र क्रियाशील हैं। 419 आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन है, जबकि 2421 किराये के भवन में संचालित है तथा 407 अन्य सरकारी भवनों में कार्यरत है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र


 rajesh pande