युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम पर 24 जून को वायु सेना करेगी संगोष्ठी
भारतीय वायु सेना ने 'युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम' पर चर्चा करने के लिए पहली बार वायु सेना सभागार में 24 जून को एक संगोष्ठी आयोजित की है।
वायु सेना लोगो


- वायु सेना अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के साथ होगा संगोष्ठी का समापन

- संगोष्ठी का उद्देश्य प्रभावी तर्क के लिए प्रतिभागियों की योग्यता विकसित करना

नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। भारतीय वायु सेना ने 'युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम' पर चर्चा करने के लिए पहली बार वायु सेना सभागार में 24 जून को एक संगोष्ठी आयोजित की है। कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर और सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज के तत्वावधान में होने वाली इस संगोष्ठी का समापन वायु सेना अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के साथ होगा।

वायु सेना प्रवक्ता के अनुसार वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी संगोष्ठी में मुख्य भाषण देंगे। इसमें तीनों सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख थिंक टैंक और देश के प्रमुख कॉलेजों के शिक्षाविद शामिल होंगे। इस संगोष्ठी का उद्देश्य युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्रदर्शित करना है, ताकि वायु सेना नेतृत्व को इस तरह के कार्यक्रम से मिलने वाले परिणामों से मदद मिल सके। प्रतिभागियों को हाल के संघर्षों में एयरोस्पेस पावर और राष्ट्रीय सुरक्षा में वायु शक्ति की प्रमुख भूमिका को स्थापित करने वाले बदलते सैद्धांतिक नियमों से संबंधित समकालीन विषयों पर पेपर प्रस्तुत करना होगा।

वायु सेना ने 'युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम' रणनीतिक कौशल, युद्ध के इतिहास और सिद्धांत की गहरी समझ रखने वाले मिड कैरियर एयर पावर प्रैक्टिशनर्स के साथ पूल बनाने के उद्देश्य से बनाया था। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की सैद्धांतिक दृष्टि को बढ़ाना और रणनीति पर प्रभावी तर्क के लिए उनकी योग्यता को विकसित करना है। यह प्रतिभागियों की क्षमता को और भी बेहतर बनाएगा ताकि वे विभिन्न विचारों और सिद्धांतों को सरकार के दृष्टिकोण से जोड़ सकें। एयर पावर स्टडीज के लिए वायु सेना के प्रमुख संस्थान कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर (सीएडब्ल्यू) में भी इस कोर्स का आयोजन किया जा चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम 


 rajesh pande