भ्रष्टाचार पर प्रहार : करोड़ों के घोटाले में नगर परिषद चेयरमैन सहित आठ पर प्राथमिकी दर्ज
बेगूसराय, 25 मई (हि.स.)। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहे बिहार में मशीनों की खरी
प्रतीक


बेगूसराय, 25 मई (हि.स.)। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहे बिहार में मशीनों की खरीद, हाईमास्ट लाइट समेत अन्य कई योजनाओं में हुए घोटाला में बड़ी कार्रवाई की गई है। बेगूसराय जिला के बखरी नगर पंचायत (अब नगर परिषद) में 2012 से 2017 के बीच हुए घोटाला की निगरानी जांच में पुष्टि होने के बाद चेयरमैन एवं छह नगर पार्षद सहित आठ के खिलाफ बखरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। जबकि तत्कालीन दो कार्यपालक पदाधिकारी एवं कार्यालय कर्मी सहित आठ और लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की संभावना है।

अपने गठन के समय से ही घपले-घोटाले को लेकर सुर्खियों में रहे बखरी नगर पंचायत में लूट-खसोट को लेकर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-छह मक्खाचक निवासी मो. मोकीम ने नगर विकास विभाग सहित तमाम अधिकारियों को आवेदन देकर ध्यान आकृष्ट कराया था। आवेदन के आलोक में कई स्तर की जांच में पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर नगर विकास एवं आवास विभाग तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी के निर्देशानुसार कनीय अभियंता दिलीप कुमार द्वारा बखरी थाना में प्राथमिकी दर्ज होते ही नगर में हड़कंप मच गया है। सभी आरोपी जनप्रतिनिधि के साथ-साथ घोटाला में शामिल अन्य लोगों की धड़कनें तेज हो गई है तथा सब के सब भूमिगत हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि बखरी नगर पंचायत की प्रथम मुख्य पार्षद संगीता राय के कार्यकाल में बाजार मूल्य से काफी अधिक दाम पर ट्रैक्टर एवं कचरा का डब्बा खरीदने को लेकर बवाल मचा था। तब वर्तमान उपमुख्य पार्षद संजय सिंह की पत्नी नगर पार्षद कल्याणी देवी के नेतृत्व में पार्षदों ने संगीता राय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसके बाद मुख्य पार्षद बनी गीता कुशवाहा के कार्यकाल में भी हाईमास्ट, एलईडी, स्ट्रीट लाइट, वेलकम गेट एवं सीसीटीवी कैमरा खरीद को लेकर काफी हंगामा हुआ था। नगर में गठित सशक्त स्थाई समिति के पांच में से तीन सदस्यों ने डीएम को आवेदन देकर हाईमास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट, स्वागत द्वार, सीसीटीवी कैमरा, जेसीबी, ट्रैक्टर, फॉगिंग मशीन, एलईडी लाइट, चलंत शौचालय आदि में करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया।

मामला हाईलाइट होने पर निगरानी विभाग की जांच में घोटाले का किंगपिन निवर्तमान मुख्य पार्षद गीता कुशवाहा एवं तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद पासवान को माना गया। इसके साथ ही पूर्व मुख्य पार्षद एवं वार्ड-12 की पार्षद कुमारी संगीता राय, निविदा एवं क्रय समिति के तत्कालीन सदस्य एवं निवर्तमान उप मुख्य पार्षद संजय कुमार सिंह की पत्नी और वार्ड-18 की निवर्तमान पार्षद कल्याणी देवी, वार्ड-चार के पार्षद कुमारी वीणा, वार्ड-आठ के पार्षद उमेश रजक, क्रय समिति की तत्कालीन सदस्य सह वार्ड-14 के पार्षद माधुरी देवी, वार्ड-सात के पार्षद अशोक कुमार राय, वार्ड-दो के पूर्व पार्षद शायरा खातून को नगर पंचायत की विभिन्न योजनाओं एवं सामग्रियों की खरीद के टेंडर और क्रय समिति के सदस्य के रूप में घोटाले वाली योजनाओं को मंजूरी प्रदान करने के कारण दोषी पाया गया।

इसी आलोक में निवर्तमान मुख्य पार्षद गीता कुशवाहा, पूर्व मुख्य पार्षद सह निवर्तमान नगर पार्षद संगीता राय, पार्षद कल्याणी देवी, कुमारी वीणा, माधुरी देवी, अशोक कुमार राय, एवं उमेश रजक तथा पूर्व पार्षद शायरा खातून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सूत्रों के अनुसार तत्कालीन नगर के तत्कालीन दो कार्यपालक पदाधिकारी एवं छह कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई चल रही है तथा जल्द ही इन लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बखरी इंस्पेक्टर हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि प्राप्त विभागीय आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर अगले पर कार्रवाई की जा रही है। इधर, प्राथमिकी के दर्ज होने से बखरी नगर पंचायत की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है तथा आरोपी जनप्रतिनिधियों एवं उनके सहयोगियों में खलबली मची हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र


 rajesh pande