प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में नई प्रौद्योगिकी से बन रही है सड़कें : गिरिराज सिंह
बेगूसराय, 25 मई (हि.स.)। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि नरे
गिरिराज सिंह का फाइल फोटो


बेगूसराय, 25 मई (हि.स.)। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगातार पूरे देश के गांव को शहर से जोड़ रही है। सड़क खुशहाली लाती है और तरक्की भी, जब भारत की आत्मा कहे जाने वाले गांव सड़कों से जुड़ते हैं, तो देश एक नई विकास यात्रा की तरफ आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2008 से 2014 तक मात्र 2.2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ एवं 75 हजार करोड रुपए आवंटित किए गए, जबकि बीते आठ सालों में नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 3.25 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क बनाई तथा आवंटन भी तो गुना डेढ़ लाख करोड़ किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित वर्ष 2070 तक शून्य प्रतिशत कार्बन न्यूट्रल उत्सर्जन की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में नई प्रौद्योगिकी, नवाचार और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को अपनाने में प्रमुख संचालक होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सड़कों की देखभाल करने तथा कार की खिड़की से पॉलीथिन बैग जैसे कचरे को बाहर नहीं फेंकने का आग्रह किया है, इसे सभी लोग अपनाएं। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सड़क या डिजिटल कनेक्टिविटी के बिना कोई विकास नहीं हो सकता है। वर्ष 2014 से सात लाख किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें बनाई जा चुकी है, पिछले तीन वर्ष के दौरान 3.25 लाख किलोमीटर सड़कों का उन्नयन किया गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान ई-मार्ग (पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्रॉनिक रखरखाव) परियोजना में 45 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी की सड़कों के लिए जीआईएस सक्षम डेटा संकलित किया गया है। इस पर 73 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिससे 2019-20 और 2021-22 में 66 करोड़ श्रम दिवस के रूप में रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

25 दिसम्बर 2000 को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा पीएमजीएसवाई की शुरुआत की गई, अब समय बदल गया है और अब ग्रामीण तथा शहरी सड़क बुनियादी ढांचे पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। नई दिल्ली में ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नई प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को अपनाने पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। ग्रामीण सड़कों के बुनियादी ढांचे के लिए सामग्री रिफिलिंग और बाइंडिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप चुनौती शुरू करना जरूरी है। आज भी 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। नई प्रौद्योगिकी परिकल्पना 2022 के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई प्रौद्योगिकियों और वैकल्पिक सामग्रियों का उपयोग करके ग्रामीण सड़कों की लंबाई के कम से कम आधे हिस्से का निर्माण करने की परिकल्पना की है।

नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके एक लाख दस हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क बनाने की योजना है, जिसमें से 70 हजार किलोमीटर से अधिक का काम पूरा हो चुका है। 2013 के बाद से सरकार ने सड़कों के निर्माण में अपशिष्ट प्लास्टिक सामग्री के उपयोग को लागू किया, नई प्रौद्योगिकी परिकल्पना दस्तावेज ने नई प्रौद्योगिकियों के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत सड़कों की लंबाई के 70 प्रतिशत तक सड़क निर्माण में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बनाई है।

ग्रामीण सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार ने कोविड संकट के दौरान भारत की मदद की। राज्य सरकारें ग्रामीण सड़कों के विकास कार्यों के अधिक कुशल कार्यान्वयन और निगरानी करें। विभिन्न राज्यों में ग्रामीण सड़क बुनियादी ढांचे की असमान प्रगति की ओर इशारा करते हुए गिरिराज सिंह ने जनभागीदारी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अधिक पारदर्शिता लाने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र


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