अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के स्थापना की102वीं वर्षगांठ पर भव्य कार्यक्रम
बेतिया, 24 मई (हि.स) सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में भारत में शिक्षा का प्रमुख
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की 102 वी वर्षगांठ पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन।


अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की 102 वी वर्षगांठ पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन।


अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की 102 वी वर्षगांठ पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन।


बेतिया, 24 मई (हि.स) सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में भारत में शिक्षा का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आधिकारिक रूप से स्थापना की 102वीं वर्षगांठ पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापकों सर सैयद अहमद खानएवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण किरदार निभाया था।

इस अवसर पर डॉ एजाज अहमद अधिवक्ता ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन सहा सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन, डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल चांसलर प्रज्ञान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय झारखंड, डॉ शाहनवाज अली, अमित कुमार लोहिया एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता नवीदूं चतुर्वेदी ,सामाजिक कार्यकर्ता डॉ शशि भूषण गुप्ता रेयाज अहमद, संपादक डॉ सलाम ने संयुक्त रूप से कहा कि भारत में शिक्षा का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 24 मई 1920 को हुई। इससे पहले मुसलमानों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के बीच आधुनिक शिक्षा की जरूरतों को देखते हुए सर सैयद अहमद खान ने 1877 में आधुनिक शिक्षा पर आधारित विद्यालय की स्थापना की, जो आगे चलकर मोहम्डन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के तौर पर मशहूर हुआ।

1920 में इसी कॉलेज को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बनाया गया। एक जमाने में इसे भारत का कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय तक कहा जाता था। आज देश के मुख्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल एएमयू में 250 से ज्यादा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। यहां कई दूसरे देशों के छात्र भी पढ़ने के लिए आते हैं। इस विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में तकरीबन साढ़े 13 लाख पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलियों का समृद्ध संग्रह है। यहां के कई छात्र आगे चलकर देश के प्रमुख ओहदों पर आसीन हुए। देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ.जाकिर हुसैन और सीमांत गांधी के नाम से मशहूर खान अब्दुल गफ्फार खान को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। दिग्गज क्रिकेटर रहे लाला अमरनाथ, मशहूर शायर कैफी आजमी, जाने-माने साहित्यकार राही मासूम रजा, गीतकार जावेद अख्तर, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी यहां के छात्र रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक


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