सीबीआई के मना करने के बावजूद मंत्री परेश ने कोलकाता छोड़ा, बढ़ सकती है मुश्किलें
कोलकाता, 24 मई (हि.स.)। स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति में हुई बड़े पैमाने पर
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कोलकाता, 24 मई (हि.स.)। स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति में हुई बड़े पैमाने पर धांधली और अपनी ही बेटी अंकिता अधिकारी को बिना परीक्षा दिलाए शिक्षक की नौकरी देने के मामले में आरोपित पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले में जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनसे लगातार दो दिनों तक पूछताछ की थी और सीबीआई को बताए बगैर उन्हें कोलकाता नहीं छोड़ने को कहा गया था। बावजूद इसके मंगलवार की सुबह वह दमदम हवाई अड्डे से फ्लाइट पकड़कर कूचबिहार स्थित अपने गृह नगर पहुंचे हैं।

उत्तर बंगाल के मेखलीगंज से विधायक परेश अधिकारी के घर लौटने पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया है। सीबीआई की नजर में यह बात आते ही उनके खिलाफ नए सिरे से जांच शुरू की गई है। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कोलकाता नहीं छोड़ने को कहा गया था बावजूद इसके उन्होंने मंगलवार सुबह दमदम हवाई अड्डे से बागडोगरा के लिए विमान पकड़ा है। मीडिया के जरिए पता चला है कि गृह नगर पहुंचकर वाकई मंदिरों में गए हैं और उनका वहां जोरदार स्वागत भी हुआ है। उनके खिलाफ जांच की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंत्री परेश अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है और शिक्षिका के तौर पर उन्हें मिले वेतन को भी वापस लौटाने को कहा है। अंकिता को बिना परीक्षा दिए नौकरी कैसे मिली यही पता लगाने के लिए सीबीआई ने परेश चंद्र अधिकारी से लगातार दो दिन तक पूछताछ की है लेकिन उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। खबर है कि सीबीआई उनसे एक बार फिर पूछताछ की तैयारी कर रही थी। इसी बीच वह अपने गृह नगर चले गए है। हिन्दुस्थान समाचार/ ओम प्रकाश/गंगा


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