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अपडेट.. गुना : पुलिस और शिकारियों में मुठभेड़, तीन पुलिसकर्मी शहीद, एक शिकारी भी मारा गया
गुना, 14 मई (हि.स.)। गुना के आरोन में शनिवार को सुबह शिकारियों से हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों
अपडेट.. गुना : पुलिस और शिकारियों में मुठभेड़, तीन पुलिसकर्मी शहीद, एक शिकारी भी मारा गया


गुना, 14 मई (हि.स.)। गुना के आरोन में शनिवार को सुबह शिकारियों से हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस टीम में शामिल ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है। घटना शनिवार तडक़े 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शिकारी नौशाद मेवाती मारा गया। एसआई राजकुमार जाटव के हाथ में गोली लगने के बाद भी उन्होंने कई राउंड फायर किए। घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। घटनास्थल पर देरी से पहुंचने पर ग्वालियर के आईजी अनिल शर्मा को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर डी श्रीनिवास वर्मा को पदस्थ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने तीनों पुलिसकर्मियों के परिवार को 1-1 करोड़ का मुआवजा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अपराधियों की पहचान हो गई है। पुलिस फोर्स को भेजा गया है। जवाबी एक्शन के लिए पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है। इसके बाद ताबड़तोड़ दोपहर में प्रशासन ने आरोपियों के घर को बुलडोजर से ढहा दिया।

एसपी राजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि सगा बरखेड़ा की तरफ से बदमाशों के जाने की सूचना मिली थी। इनकी घेराबंदी के लिए 3-4 पुलिस टीम लगाई गई थीं। शहरोक के जंगल में 4-5 बाइक से बदमाश जाते हुए दिखे। पुलिस ने घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। हमले में सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शिकारियों के पास से पांच हिरण और एक मोर के अवशेष जब्त किए हैं। पुलिस ने धरपक? में 10 से ज्यादा संदिग्धों को उठाया है। बजरंगगढ़ थाने से पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग हो रही है। एसपी खुद बजरंगगढ़ थाने में मौजूद हैं और टीम को लीड कर रहे हैं। लगभग 10 थानों की पुलिस और 100 के लगभग पुलिसकर्मी धरपकड़ में लगे हैं।

राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार के लिए शहीद एसआई राजकुमार जाटव का शव अशोकनगर भेजा गया। आरक्षक संतराम मीना का शव श्योपुर भेज गया। पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, कलेक्टर फ्रैंक नोबल ने अस्पताल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर पार्थिव शरीर रवाना कराए। राजकीय सम्मान के साथ शहीद नीरज भार्गव का गुना में अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 12 साल के बेटे वंशी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

गृह मंत्री बोले- ऐसी कार्रवाई करेंगे, जो नजीर बनेगी

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारे परिवार के तीन जांबाज सदस्यों की मौत हो गई। अपराधी कोई भी हो, पुलिस से बचकर जा नहीं सकते। कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सख्त से सख्त कार्रवाई हमलावरों पर की जाएगी। ऐसी कार्रवाई करेंगे, जो नजीर बनेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद घटना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

ताबड़तोड़ आरोपितों के घरों को ढहाया

घटना के बाद बाद प्रशासन ने आरोपितों के घरों को बुलडोजर से ढहा दिया। दोपहर में राजस्व की टीम ने अवैध निर्माण की जानकारी निकाली। इसके बाद दोपहर 3 बजे टीम बिदौरिया गांव पहुंची। बड़ी संख्या में वहां फोर्स भी तैनात किया गया है। एडीएम विवेक रघुवंशी पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैँ। उनकी मौजूदगी में मकान गिरा दिए गए।

नेता प्रतिपक्ष बोले- गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए

नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह बोले- गुना की घटना दुखद है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वह पुलिस को ही नहीं छोड़ रहे। गुना की घटना के बाद तो गृह मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

घटना के बाद जागती है शिवराज सरकार: कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- आखिर शिवराज सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी लचर क्यों है? हर घटना के बाद जागना सरकार की आदत बन चुका है। घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

शिकारियों से दिग्विजय सिंह के संबंध की जांच हो: वीडी शर्मा

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि आखिर उस बुधौलिया गांव के अंदर इतने हथियार, कहां से आए? किसके संरक्षण में आए? दिग्विजय सिंह इस बात का जवाब दें कि उनका इन अपराधियों के साथ क्या संबंध है? मुझे सूचनाएं मिली हैं कि राघौग? किले से, दिग्विजय सिंह से जुड़़े हुए लोग लगातर इस काम को करते आए हैं। इनके संरक्षण में उनको हमेशा से संरक्षण मिला है। इसलिए इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि दिग्विजय सिंह का इन आरोपियों के साथ क्या संबंध है। इन अपराधियों की इतनी हिम्मत कैसे हुई?

हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक


 rajesh pande