लोकसभा चुनाव 2024 के पूर्व पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में जुटी तृणमूल कांग्रेस
-पार्टी वाराणसी को केन्द्र बना पूर्वांचल में राजनीतिक जमीन बनाने के लिए तैयार -पूर्व मुख्यमंत्री स्व
तृणमूल कांग्रेस की पीसी


-पार्टी वाराणसी को केन्द्र बना पूर्वांचल में राजनीतिक जमीन बनाने के लिए तैयार

-पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कमलापति त्रिपाठी के विकास कार्यों के दम पर चुनिन्दा लोस सीटों पर करेगी फोकस

वाराणसी,14 अप्रैल (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस के उत्तर प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य राजेशपति त्रिपाठी ने गुरुवार को बताया कि पार्टी 2024 के आगामी लोकसभा चुनावों को लक्ष्य कर प्रदेश में संगठन नवनिर्माण और इसे मजबूत बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। आने वाले दिनों में पार्टी संगठन का ढांचा खड़ा करने के अतिरिक्त सूबे में नजर आने वाली अपनी राजनीतिक भूमिका को धार दिया जायेगा।

राजेशपति त्रिपाठी गोदौलिया स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के पूर्व समान विचारधारा वाले दलों के बीच एक राजनीतिक धुरी बनाकर काम करने का भी प्रयास होगा। त्रिपाठी ने बताया कि विगत दिनों कोलकता में पार्टी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश में पार्टी की ठोस राजनीतिक जमीन खड़ी करने की राजनीतिक कवायद और उसकी रणनीति पर गहन चर्चा के साथ फैसले भी लिये गये हैं।

बैठक में यह तय हुआ कि यूपी भर में पार्टी संगठन का सुदृढ़ एवं गतिशील आधार खड़ा करने के साथ चुनिन्दा लोकसभा सीटों पर पूरा फोकस रखते हुए काम करना है। साथ ही समान राजनीतिक विचारधारा के दलों के साथ तालमेल बनाकर पर पूरे सूबे में पार्टी की भूमिका को उभार देने की रणनीति के साथ काम करने का फैसला लिया गया। इसके लिए वाराणसी को केन्द्र बनाकर काम शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हाल में ही संपन्न यूपी विधान सभा चुनाव में पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सीधे चुनाव न लड़ने का फैसला लेते हुए समाजवादी पार्टी गठबंधन को समर्थन का ऐलान किया था। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव संपन्न होने के उपरांत पिछले दिनों पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नतीजों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें यह तय किया गया कि सूबे में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव पार्टी दमखम के साथ लड़ेगी। राजेशपति ने बताया कि लोकसभा चुनाव की तैयारी और प्रदेश में संगठन निर्माण की दिशा में बनारस को केंद्र में रखते हुए वाराणसी, मिर्ज़ापुर और आजमगढ़ मंडल पर विशेष जोर देते हुए ठोस रणनीति भी बनाई गई है। इस रणनीति के पीछे वजह भी साफ़ है कि पार्टी सूबे में स्वर्गीय पं.कमलापति त्रिपाठी के प्रभाव क्षेत्र को सबसे पहले अपना आधार बनाना चाहती है। बनारस, चंदौली, मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया के क्षेत्र हमसे अछूते नहीं हैं । इन क्षेत्रों में स्व. पंडित कमलापति त्रिपाठी ने अपने जीवन काल में विकास की एक अमिट छाप छोड़ी है जिसे आज भी सराहा जाता है। हम इस साझी विरासत को साथ लेकर चलते हुए सूबे में एक नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत करने जा रहे हैं, जो जातिवाद और संप्रदायिकता से परे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शांति, सद्भाव, विकास और सौहार्द के संदेश पर आधारित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर


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