टीबीग्रस्त मरीज के परिवार की स्क्रीनिंग करना जरूरी : डीसी
कांगड़ा में 43 स्वास्थ्य केंद्रों मुफ्त में बलगम जांच की सुविधा धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। उपायुक्त
टीबीग्रस्त मरीज के परिवार की स्क्रीनिंग करना जरूरी : डीसी


कांगड़ा में 43 स्वास्थ्य केंद्रों मुफ्त में बलगम जांच की सुविधा

धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। उपायुक्त कांगड़ा डा. निपुण जिंदल ने कहा कि जिला में टीबी के प्रभाव को कम करके इससे होने वाली मृत्यु दर को कम करना प्रशासन स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्येश्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वह टीबी के प्रत्येक मरीज की मृत्यु की ऑडिट करें ताकि उसके मुख्य कारण का पता लगाया जा सके। उपायुक्त ने बुधवार को धर्मशाला में आयोजित जिला क्षय रोग निवारण समिति की बैठक में यह बात कही। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीज के परिवार की स्क्रीनिंग करना अति आवश्यक है ताकि परिवार के किसी सदस्य में कोई लक्षण पाये जाते हैं तो उचित समय पर उसकी जांच की सके।

उपायुक्त ने निष्क्रिय टीबी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि उस परिवार के सदस्यों की निष्क्रिय टीबी की जांच करना अति आवश्यक है ताकि उसका समय रहते इलाज हो सके और भविष्य में टीवी के प्रभाव को रोका जा सके।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राजेश सूद ने बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य टीबी के कारण होने वाली मृत्यु दर और बीमारी को कम करना और टीबी के संक्रमण के फैलने से रोकना है। टीबी उन्मूलन की जिला रणनीतिक योजना चार स्तंभों टीबी उन्मूलन की रणनीति-टीबी की खोज इलाज बचाव प्रणालियों का निर्माण और मजबूती शामिल है। डॉ सूद ने बताया कि जिला कांगड़ा में 43 स्वास्थ्य केंद्रों मुफ्त में बलगम की जांच की जाती है। क्षय रोग अधिकारी ने दिसंबर महीने में प्रस्तावित सब नेशनल टीवी सर्टिफिकेशन कार्यक्रम को लेकर भी विस्तृत चर्चा की।

डॉ राजेश सूद ने बताया कि वर्ष 2015 के बाद टीबी के रोगियों में कितनी कमी आई है इसके लिए भारत सरकार द्वारा यह सर्वे हिमाचल प्रदेश के हर एक जिला के अंदर किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने टीबी उन्मूलन का लक्ष्य 2025 रखा है, उसी कड़ी में इस तरह का सर्वे हिमाचल प्रदेश के हर एक जिले में करवाया जा रहा है ताकि टीबी रोग मे आई कमी की दर को जांचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/उज्जवल