नाटक 'बेरंग तस्वीरें' ने दिखाई समाज के बदलाव की झलक
अमुक आर्टिस्ट ग्रुप की ओर से संगीत नाटक अकादमी प्रेक्षागृह में हुआ मंचन लखनऊ, 30 नवम्बर (हि.स.)। य
नाटक ‘बेरंग तस्वीरे‘ ने दिखाई समाज के बदलाव की झलक


नाटक ‘बेरंग तस्वीरे‘ ने दिखाई समाज के बदलाव की झलक


अमुक आर्टिस्ट ग्रुप की ओर से संगीत नाटक अकादमी प्रेक्षागृह में हुआ मंचन

लखनऊ, 30 नवम्बर (हि.स.)। युवा रंगकर्मी अजय अवस्थी की स्मृति में अमुक आर्टिस्ट ग्रुप की ओर से बुधवार को नाटक ‘बेरंग तस्वीरें’ का मंचन हुआ। अकादमी की रसमंच योजना के तहत नाटक का मंचन हुआ। शंकर एवं राजेंद्र लहरिया की लिखी कहानियों का नाट्य रूपांतरण अनिल मिश्र गुरुजी ने किया। मंचन गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के निदेशक दिनेश खन्ना ने दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।

नाटक की शुरुआत सूत्रधार के हवाले से होती है। कलाकार बांग्ला से अनुवादित कहानी ‘पुरोहित दर्पण‘ से शुरुआत करते हैं। नाटक में कलाकारों ने दिखाया कि पुरोहितों की पुरानी पीढ़ी खत्म हो रही है। पूजा के शास्त्रीय विधि-विधान का लोप होना। लड़कियों के कॉलेज में दुर्गा पूजा का आयोजन होना। इन सारे घटनाक्रम में कहानी कई पड़ाव से गुजरती है।

दूसरी कहानी ‘नई सदी की दंत कथा‘ वर्तमान को समेटे हुए अभिव्यक्ति के सवालों को खड़ा करती है। जात-पात को नेस्तानाबूद करती है और मानव मूल्यों की स्थापना पर जोर देती है। व्यवस्था के खिलाफ अभिव्यक्ति के सवालों पर लामबद्ध होती है। दोनों कहानियों को समेटे नाटक‘ बेरंग तस्वीरें‘ मंच के अपने सारे रंगों के साथ लोगों के सामने उपस्थित होती है।

रंगाचार्य डॉ. विश्वनाथ मिश्र स्मृति सम्मान-2022 से रंगकर्मी सम्मानित

नाट्य समारोह के बाद संजय त्रिपाठी ‘गोपाल‘ को रंगाचार्य डॉ विश्वनाथ मिश्र स्मृति सम्मान-2022 से सम्मानित किया गया। संजय त्रिपाठी लगभग दो दशक से रंगमंच के सभी आयामों में अपनी उपस्थिति बनाएं हुए है। एक कुशल निर्देशक, अभिनेता, लेखक संजय अपने कर्म की पहचान से जाने जाते हैं। मंच पर और मंच परे रंग से जुड़ा कोई ऐसा कार्य नहीं है, जिसे बखूबी अंजाम न देते हो। गंभीर चिंतनशील संजय की पहचान उनकी रंग साधना है।

हिन्दुस्थान समाचार/शैलेंद्र