खनन के बाद वन उपज में पश्चिमी यूपी के माफियाओं की नजर
बबूल की आड़ में हो रहा है प्रतिबंधित लकड़ी का कारोबार हमीरपुर, 30 नवम्बर (हि.स.)। बुंदेलखंड की अकूत खन
खनन के बाद वन उपज में पश्चिमी यूपी के माफियाओं की नजर


बबूल की आड़ में हो रहा है प्रतिबंधित लकड़ी का कारोबार

हमीरपुर, 30 नवम्बर (हि.स.)। बुंदेलखंड की अकूत खनिज एवं वन संपदा पर अब पश्चिमी यूपी के लकड़ी माफियाओं की नजर लग गई है। स्थानीय माफियाओं के बाद अब पश्चिमी यूपी के लकड़ी माफियाओं ने यहां डेरा जमा कर लकड़ी के अवैध कटान शुरू करके चोरी छुपे लकड़ी को पश्चिमी यूपी में भेजने में मशगूल है। इसका खुलासा रेंजर द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुआ है।

अभी तक बुंदेलखंड में बालू एवं पत्थर माफिया ही सक्रिय थे। पूरे प्रदेश के लोग यहां की खनिज संपदा के दोहन में लगे हुए हैं। इसी बीच पश्चिमी यूपी के लकड़ी माफियाओं की नजर यहां की वन संपदा पर पड़ी है। स्थानीय लकड़ी माफियाओं के अलावा इन्होंने यहां डेरा जमाकर लकड़ी की कटान शुरू करा दी है। वन विभाग एवं पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर यह लकड़ी माफिया जलाऊ लकड़ी की आड़ में प्रतिबंधित लकड़ी कटवाकर चोरी छुपे मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर, शामली, अलीगढ़ आदि जगहों पर भेज रहे।

इन माफियाओं को यहां की नीम, आम, इमली,शीशम,लभेड़ा आदि प्रतिबंधित लकड़ी बेहद मुफीद साबित हो रही है। किसानों की माली हालत खराब होने के कारण यह माफिया औने पौने दामों में इस बेशकीमती लकड़ी को खरीद कर जलाऊ लकड़ी की आड़ में बाहर भेज रहे हैं। प्रतिदिन चार से पांच ट्रक लकड़ी इस क्षेत्र से बाहर जा रही है। यह सब कुछ प्रशासन की नजरों के सामने होता है। लेकिन सभी इस को अनदेखा किए हैं। लकड़ी किस तरह से बाहर जा रही है।

इसका खुलासा रेंजर बिशन सिंह यादव की छापेमारी के बाद हुआ। मुंडेरा गांव के समीप पकड़े गए ट्रक में नीचे की ओर नीम और लभेडा की लकड़ी भरी हुई थी। जबकि ऊपर की तरफ बबूल की लकड़ी भरी गई थी। इसी बबूल की लकड़ी की आड़ में प्रतिबंधित लकड़ी छुपा कर बाहर ले जाई जाती है। वन विभाग से बबूल की लकड़ी बाहर भेजने के कागजात प्राप्त किए जाते हैं और इन्हीं कागजातों के दम पर प्रतिबंधित लकड़ी प्रतिदिन बाहर भेजी जा रही है। इस अवैध कटान पर वन विभाग कब अंकुश लगाएगा। इस सवाल पर सभी चुप्पी साधकर बबूल का कारोबार होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। रेंजर विशन सिंह यादव ने बताया कि जब कोई शिकायत मिलती है। तो छापेमारी कर कार्यवाही की जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज