उपराज्यपाल ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के 35,097 लाभार्थियों को 149.17 करोड़ किए स्थानांतरित
जम्मू, 30 नवंबर (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को नागरिक सचिवालय में प्रधानमंत्री आवास यो
उपराज्यपाल ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के 35,097 लाभार्थियों को 149.17 करोड़ किए स्थानांतरित


जम्मू, 30 नवंबर (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को नागरिक सचिवालय में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 35,097 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 149.17 करोड़ रुपये की किश्त स्थानांतरित की। उन्होंने गरीब और कमजोर वर्ग के कल्याण को यूटी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा कि पीएमएवाई-जी बुनियादी सुविधाओं के साथ ‘पक्का घर‘ के लाभार्थियों के सपने को पूरा करेगा, उनके आत्मसम्मान, सामाजिक स्थिति और जीवन स्तर को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि पीएमएवाई-जी वास्तव में बेघर लोगों, जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वालों और बड़ी संख्या में कमजोर समूहों की महिलाओं और परिवारों को लाभान्वित करता है। उन्होंने कहा कि बुनियादी जरूरतों की सहायता ग्रामीण विकास को गति देगी और सबसे गरीब लोगों को सशक्त बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, पीएमएवाई-जी जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने लोगों के जीवन को बदल दिया है। हमारा उद्देश्य एक मजबूत और समृद्ध ग्रामीण जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना है।

उपराज्यपाल ने कहा कि धीमी गति से शुरुआत करने के बावजूद, जम्मू-कश्मीर ने सभी के लिए आवास के दृष्टिकोण को साकार करने में गति प्राप्त की है। हमारा लक्ष्य दो लाख से अधिक घर बनाने का है। पीएमएवाई के योग्य लाभार्थियों की पहचान के लिए विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि आवास गरीब परिवारों को स्थिरता प्रदान करता है और गरीबी कम करने में योगदान देता है और जिन परिवारों को अपना घर मिल गया है, वे अब अपने परिवार के सदस्यों की अन्य विकासात्मक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार हैं। नीतियों और कार्यान्वयन के बीच की खाई को भरने के लिए समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं। पीएमएवाई-जी घरों के लिए बिजली, शौचालय, पेयजल, एलपीजी कनेक्शन और अन्य सुविधाओं जैसी बुनियादी जरूरतों को अन्य सरकारी योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु सटीक आंकड़े तैयार करने में ग्रामीण विकास विभाग और उपायुक्तों की प्रमुख भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने पीएमएवाई-जी के छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के वास्तविक आंकड़े एकत्र करने और सभी के लिए आवास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने का आह्वान किया। उन्होंने जिला प्रशासन से योजना के तहत उपलब्ध कराये जा रहे आवासों का जिलेवार सार-संग्रह बनाने को कहा।

आयुक्त/सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग मनदीप कौर ने उपराज्यपाल को पीएमएवाई और आवास प्लस के लक्ष्यों और अब तक की उपलब्धियों से अवगत करवाया।

बताया गया कि 2,00,619 आवासों के लक्ष्य के अनुसार 1,03,577 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में ब्लॉक स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें पीएमएवाई-जी लाभार्थियों की स्थायी प्रतीक्षा सूची को अद्यतन करने के लिए व्यापक अभ्यास किया गया।

इस अवसर को चिह्नित करने हेतु 20 पीएमएवाई-जी लाभार्थियों को उपराज्यपाल द्वारा प्रत्येक को 50,000 रुपये के चेक सौंपे गए।

हिन्दुस्थान समाचार/बलवान