पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने नकली दवा उद्योगों पर अपनी ही सरकार को घेरा
धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हिमाचल में फर्
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने नकली दवा उद्योगों पर अपनी ही सरकार को घेरा


धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हिमाचल में फर्जी तरीके से चल रहे दवाई उद्योगों के खिलाफ कार्यवाही न होने के लिए अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और हिमाचल सरकार दवाई उद्योग में हिमाचल को अग्रणी बनाने की कोशिश कर रही है परंतु भ्रष्टाचारी तंत्र पूरी दुनिया में भारत के दवाई उद्योग को बदनाम करने में लगा हुआ है। बुधवार को यहां जारी एक प्रेस बयान में शांता कुमार ने कहा कि कई वर्षों से भारत दवाई निर्माण में विश्व में अग्रणी है। भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है। अरबों की दवाईयां निर्यात होती हैं। देश में बनने वाली दवाईयांे की 40 प्रतिशत दवाईयां हिमाचल के बद्दी बरोटीवाला के क्षेत्र में बनती है। अब यहीं पर बल्क ड्रग पार्क बनाने की योजना बनी हैं। इसके बनने से दवाई उद्योग में हिमाचल विश्व में ऊंचे स्थान पर पहुंचेगा। हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

भाजपा नेता ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि पैसे के पागलपन में ईमानदारी और नैतिकता समाप्त होती जा रही है। दवाई में भी जहर डालते समय भ्रष्टाचारियों को शर्म नही आती और न भगवान व सरकार का डर है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन साल पहले उधमपुर में हिमाचल की बनी दवाई से 12 बच्चे मर गए। कुछ दिन अखबारों में खबर आई। सरकार ने हलचल दिखाई परंतु आज तक कुछ भी नही हुआ। चार्जशीट भी नही, बनी और न ही कोई गिरफ्तारी हुई। यही नही उन्हें दोबारा से लाईसैंस दे दिया गया और फिर से काम शुरू हो गया।

शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल और हरियाणा की मैडन फार्मा कम्पनी की दवाई से जाम्बिया में 82 लोग मर गये। खबरें आ रही हैं कि जांच हो रही है परंतु वही होगा जो पहले होता रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों से हिमाचल के बढ़ते दवाई उद्योग की खबरें आती हैं। यह भी खबरें लगातार आती हंै कि हिमाचल में बनी दवाईयां फेल हो रही हैं परंतु आज तक एक भी समाचार नही आया कि ऐसे किसी व्यक्ति को पकड़ा गया हो, सजा दी गई हो और जेल में डाला गया हो। धन के पागलपन में दवाईयों में जहर मिलाया जाता है और धन के पागलपन में भ्रष्टाचार के द्वारा अपराधियों को बचाया जा रहा है।

शांता कुमार ने कहा नकली दवाई बनाने वाला उद्योग लगता है। उसे कच्चा माल मिलता है, लाईसेंस नही होता लेकिन फैक्टरी बन जाती है। बिजली, पानी मिल जाता है। दवाईयां बनती हैं, बाहर जाती हंै, बिकती हैं। जब कोई मरता है तो शोर मचता है। इसमें सबसे अधिक जिम्मेदार सरकार के वे अधिकारी हैं जिनको मौके पर इन सब अवैध गतिविधियों को पकड़ना था। इस दवाई उद्योग की कहानी सोच कर लगता है न सरकार है न कहीं कानून है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे बस में होता तो कार्यवाही करने की जिम्मेदारी वाले उन अधिकारियों को सबसे पहले जेल में डालता जिन्होंने भ्रष्टाचार के कारण ठीक समय पर ईमानदारी से कार्यवाही नही की।

हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/उज्जवल