क्वॉलिटी कोऑर्डिनेटर पद के इंटरव्यू के सौदागर निकले वित्त एवं लेखाधिकारी, सीडीओ के निर्देश पर दर्ज हुआ केस
सुलतानपुर, 30 नवम्बर (हि.स.)। शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा क्वॉलिटी कंट्रोलर पद के इं
क्वॉलिटी कोऑर्डिनेटर पद के इंटरव्यू के सौदागर निकले वित्त एवं लेखाधिकारी, सीडीओ के निर्देश पर दर्ज हुआ केस


सुलतानपुर, 30 नवम्बर (हि.स.)। शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा क्वॉलिटी कंट्रोलर पद के इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से घूस लेने के मामले की पुष्टि से हड़कंप मचा गया है। अभ्यर्थियों की शिकायत पर सीडीओ ने जांच कराया, दोषी मिलने पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। केस दर्ज होने की आहट मिलते ही बीएसए ऑफिस में बैठे लेखाधिकारी वाहन पर बैठकर फरार हो गए हैं।

राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में शुरू हुए क्वॉलिटी कंट्रोलर पद के 16 नवंबर को इंटरव्यू रखा था। विकास भवन में इंटरव्यू आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारी और दो अन्य अफसर साक्षात्कार के लिए लगाये गये थे। 48 पदों के लिए हुए साक्षात्कार में 15 लोगों का चयन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाना था। जिसमें प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए थे। वित्त एवं लेखाधिकारी रामयश यादव को अभिलेखों की जांच के लिए पर लगाया गया था। लेखाधिकारी को जब ये जानकारी हुई कि अमुक अभ्यर्थी मेधावी हैं और उसका चयन होना है तो उन्होंने उसका फोन नंबर लेकर पैसा मांगना शुरू कर दिया।

चयन कराने के नाम पर धन उगाही की शिकायत को सीडीओ ने संज्ञान लिया और मामले की जांच उन्होंने जिला विकास अधिकारी को सौंप दी। जांच में 70 हजार रुपये घूस में लिये जाने की पुष्टि हुई। अंत में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर एबीएसए धनपतगंज ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया ।

इस मामले मे सीडीओ अंकुर कौशिक ने बताया कि साक्षात्कार में फोन पर पैसा मांगने का मामला सामने आया था। जिस पर जिला विकास अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सत्य मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। दो अभ्यर्थियों की शिकायत पर यह जांच कराई गई थी।1

हिन्दुस्थान समाचार/दयाशंकर