धमतरी : चिटफंड कंपनी के जमीन बिक्री की राशि प्रदेशभर के निवेशकों को देने की मांग
धमतरी, 30 नवंबर (हि.स.)। चिटफंड कंपनी सन साईन हाईटेक इंफ्राकान लिमिटेड के निवेशक बड़ी संख्या में कल
धमतरी : चिटफंड कंपनी के जमीन बिक्री की राशि प्रदेशभर के निवेशकों को देने की मांग


धमतरी, 30 नवंबर (हि.स.)। चिटफंड कंपनी सन साईन हाईटेक इंफ्राकान लिमिटेड के निवेशक बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कंपनी के जमीन बिक्री की राशि स्थानीय जिले के निवेशकों की बजाय प्रदेशभर के निवेशकों बराबर राशि देने की मांग की है, क्योंकि जमीन खरीद के समय प्रदेशभर के निवेशकों की राशि को जमीन पर निवेश किया गया है।

चिटफंड कंपनी सन साईन हाईटेक इंफ्राकान लिमिटेड में रुपये निवेश करने वाले निवेशक धर्मेन्द्र देवांगन, विवेक दास मानिकपुरी, राकेश मानिकपुरी, राकेश कोडोपी, कामदेव साहू, सीमा नेताम, रमशीला कोर्राम, हेमिन भास्कर, गंगा नेताम, वेदप्रकाश साहू समेत बड़ी संख्या में निवेशक बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाते हुए निवेशकाें ने बताया कि वे सभी अपनी जमापूंजी इस कंपनी में सालों से निवेश किए है, लेकिन कंपनी के भाग जाने के बाद वे आर्थिकतंगी से जुझ रहे हैं। इस कंपनी के नाम पर बालोद जिले के ग्राम बालोदगहन में जमीन था, जिसे पिछले दिनों शासन स्तर से बोली लगाकर करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये में बेचा गया है। इस राशि को जिला प्रशासन बालोद जिले के ही कुछ निवेशकाें को बांड मंगाकर राशि देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि अन्य जिलों के निवेशकों से बांड लेने से मना किया जा रहा है। निवेशकों ने बताया कि इस कंपनी में पूरे प्रदेशभर के लोगों ने रुपये जमा किया था, इस राशि से कंपनी ने जमीन की खरीद की है। इसी तरह नगरी ब्लाॅक के गांव में भी कंपनी द्वारा जमीन खरीद की गई है, इसकी जानकारी शासन को नहीं है। हालांकि यह जमीन किसी निजी व्यक्ति के नाम पर कंपनी के डायरेक्टर ने खरीद की थी।

प्रदेशभर के निवेशकों को राशि देने की मांग

शासन जमीन बिक्री के बाद छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत सभी निवेशकों यह राशि लौटाएं, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। इस कंपनी का कार्यालय धमतरी, जगदलपुर, बिलासपुर और रायपुर जिला में संचालित थे, ऐसे में पूरे प्रदेशभर के निवेशकों ने रुपये जमा किया था। चिटफंड कंपनी के डूबी राशि को वापस दिलाने शासन ने सभी निवेशकों के बांड व अन्य दस्तावेज जमा कराए है, लेकिन जमीन बिक्री के बाद उसी जिले के ही निवेशकों को राशि दिया जा रहा है, जो उचित नहीं है। निवेशकों के साथ शासन भेदभाव न करें। जमीन बिक्री की राशि को शासन प्रदेशभर के इस कंपनी के निवेशकों को वितरण करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार/ रोशन सिन्हा