प्रमुख सचिव गृह से सरकारी वकील की सक्षमता पर कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
प्रयागराज, 30 नवम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने और सरकारी वकील द्
इलाहाबाद हाईकोर्ट


प्रयागराज, 30 नवम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने और सरकारी वकील द्वारा निराधार हलफनामा दाखिल करने पर नाराजगी जताई है। साथ ही प्रमुख सचिव गृह को सात दिसम्बर तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर शासकीय अधिवक्ता के आचरण व सरकारी वकील की अक्षमता का स्पष्टीकरण पेश करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने रोहित की जमानत अर्जी पर दिया है। कोर्ट ने 23 सितंबर को डीएनए जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए सरकारी वकील को दो हफ्ते का समय दिया था। अनुपालन हलफनामा दाखिल किया गया। जिसमें बताया गया कि विवेचना अधिकारी ने फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री से संपर्क किया था तो बताया गया कि उन्हें अभी तक सैम्पल ही प्राप्त नहीं हुआ है।

कोर्ट ने कहा अपर शासकीय अधिवक्ता ने गोलमोल (वेग) हलफनामा तैयार किया है। शासकीय अधिवक्ता कार्यालय से पत्र कब भेजा गया इसका कोई जिक्र नहीं है। कोर्ट ने कहा अक्सर देखा गया है कि जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश का पालन नहीं किया जाता और समय से मांगी गई जानकारी नहीं मिल पाती। जिस पर प्रमुख सचिव गृह से सफाई मांगी है। सुनवाई सात दिसम्बर को होगा।

हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन