फिरोजाबादः 14 साल पूर्व गुर्जर आंदोलन में हुए बवाल के मामले में पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर सहित 15 आरोपित दोषमुक्त
फिरोजाबाद, 30 नवम्बर (हि.स.)। फिरोजाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को 14 साल पूर्व गुर्जर आरक्षण
अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ के साथ मौजूद पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व जिपंअ विजय प्रताप 


फिरोजाबाद, 30 नवम्बर (हि.स.)। फिरोजाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को 14 साल पूर्व गुर्जर आरक्षण आन्दोलन के समर्थन को लेकर रेलवे ट्रैक पर हुए बवाल के मामले में आरोपित पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित सभी 15 आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है। दोषमुक्त होने के बाद पूर्व मंत्री ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए मुकदमे को बसपा सरकार के दबाव में दर्ज होना बताया है। मामला थाना रसूलपुर से जुड़ा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 मई 2008 को तत्कालीन थाना रसूलपुर प्रभारी सुखवीर सिंह पुलिस टीम के साथ आसफाबाद रेलवे फाटक के पास तैनात थे। जहां पर राजस्थान के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के समर्थन में गुर्जर नेता रामसकल गुर्जर द्वारा प्रतीकात्मक रूप से शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया जाना था। मौके पर कई थानों के प्रभारी व बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थी, तभी पूर्व विधायक अजीम भाई, पूर्व विधायक हरिओम यादव, विजय प्रताप उर्फ छोटू यादव आदि करीब 2000 लोग आसफाबाद फाटक के पास दोपहर करीब 12 बजे आ गये। जिन्होंने आते ही रेलवे ट्रैक अवरुद्ध कर, आवागमन रोक दिया तथा रेलवे फाटक नंबर-62 के उपकरण, घंटी, टेबल, टेलीफोन आदि को तोड़ दिया। गेट पर लगे सिग्नल व उसकी बैटरी को तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया। गेटमैन की साइकिल उठाकर ले गये। रेलवे लाइन की चाबियां निकाल दी, जिससे रेलवे सबोटोज गम्भीर खतरा उत्पन्न हो गया। मौके पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सिटी आदि ने तोड़-फोड रोकने के लिए समझाया-बुझाया लेकिन भीड़ के नहीं मानने पर बलपूर्वक उन्हें खंदेडा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस जीप सहित कई वाहनों को आग लगाई गई। पुलिस पर पथराव व फायरिंग की गई। पुलिस ने मौके से घेराबंदी करते हुए 25 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांचोपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमा सुनवाई एवं निस्तारण हेतु अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट संख्या-9 जितेन्द्र सिंह द्वितीय के न्यायालय में पहुंचा। जहां आरोपित पूर्व विधायक हरिओम यादव, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व जिपंअ छोटू उर्फ विजय प्रताप यादव, आदर्श यादव धन्नू, मुकेश यादव, सादाब उर्फ साबाद, गुलाम साबिर, मजबूब अजीज, छुट्टन, डॉ जेड ए खान, असलम परवेज, योगेश शर्मा, वतीम, पूर्व विधायक अजीम भाई, आमिर की पत्रावली अन्य अभियुक्तगणों की पत्रावली से अलग की गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित पूर्व विधायक हरिओम यादव, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व जिपंअ छोटू उर्फ विजय प्रताप यादव, आदर्श यादव धन्नू, मुकेश यादव, सादाबा उर्फ साबाद, गुलाम साबिर, मजबूब अजीज, छुट्टन, डॉ जेड ए खान, असलम परवेज, योगेश शर्मा, वतीम, पूर्व विधायक अजीम भाई, आमिर को दोषमुक्त किया है।

न्यायालय का निर्णय आने के बाद पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर ने कहा कि बसपा सरकार के दबाव में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें आज कोर्ट द्वारा उन्हें दोषमुक्त किया गया है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए आभार प्रकट किया।

हिन्दुस्थान समाचार/कौशल