सोयाबीन और कपास की कीमतों को लेकर केंद्र से करेंगे चर्चा- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
मुंबई, 24 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य के किसानों को आश्वस्त किया
सोयाबीन और कपास की कीमतों को लेकर केंद्र से करेंगे चर्चा- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे


मुंबई, 24 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य के किसानों को आश्वस्त किया है कि सोयाबीन - कपास फसल की बाजार की दर में उतार-चढ़ाव होने से किसानों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे संबंधित नीति में बदलाव करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सकारात्मक चर्चा करने के बाद स्वाभिमान पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविकांत तुपकर व उनके किसान शिष्टमंडल ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। इससे पहले किसानों ने कपास और सोयाबीन की कीमतों को लेकर मुंबई के अरब सागर में जलसमाधि लेने की चेतावनी दी थी। बड़ी संख्या में किसान राज्य के विभिन्न हिस्सों से मुंबई पहुंचे थे।

कपास उत्पादकों के केंद्र व राज्य सरकार से संबंधित मांगों को लेकर किसानों द्वारा पुकारे गए आंदोलन की दखल लेते हुए मुख्यमंत्री शिंदे व उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने गुरुवार को सहयाद्री अतिथि गृह मैं बैठक आयोजित की थी।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि किसानों की समस्याओं का हल निकालने के लिए सरकार सर्वोपरि सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सूखे की मार झेल रहे किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए 7 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और यह सहायता 10 हजार करोड़ रुपये तक दी जाएगी। लगातार बारिश से नुकसान झेल चुके किसानों को भी मदद मिल सके इसलिए नियमों में ढील दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोपीनाथ मुंडे फसल बीमा योजना के तहत खेतिहर मजदूरों को बीमा कवर प्रदान किया जा सकता है, इस पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

किसान प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाई गई मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कृषि ऋण के लिए सिबिल की शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए, ऐसा केंद्र सरकार का निर्देश है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि राज्य में राष्ट्रीयकृत बैंक किसानों के ऋण पर ऐसी शर्तें लगा रहे हैं तो उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए और संबंधित बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी को परस्पर ऋण खाते में डायवर्ट किए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश भी इस अवसर पर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/ वीके


 rajesh pande