सूखाग्रस्त इलाकों में बाढ़ का पानी मोड़नेवाली परियोजना को विश्व बैंक दे आर्थिक सहायता - मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
मुंबई, 24 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्या को रोक
World Bank should give financial assistance to the flood water diversion project in drought prone areas – Chief Minister Eknath Shinde


World Bank should give financial assistance to the flood water diversion project in drought prone areas – Chief Minister Eknath Shinde


मुंबई, 24 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए कृषि परियोजनाओं के साथ-साथ राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के पानी को मोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की है। इसके लिए विश्व बैंक आर्थिक सहायता प्रदान करे। ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को किया।

विश्व बैंक के भारत के प्रमुख अगस्टे तानो कौमे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके वर्षा निवास स्थान पर मुलाकात की। बैठक में महाराष्ट्र कौशल विकास परियोजना, मौसम में बदलाव और उससे होने वाला कृषि क्षेत्र पर परिणाम, बालासाहेब ठाकरे कृषि व्यवसाय व ग्रामीण परिवर्तन स्मार्ट परियोजना, बेस्ट के लिए इलेक्ट्रिक बसेस के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की आर्थिक सहायता से महाराष्ट्र में कौशल विकास के काम शुरू हैं और उसके माध्यम से क्षमता निर्माण में मदद मिल रही है। भविष्य में भी इसीतरह राज्य में विभिन्न परियोजनाओं को सहयोग मिलता रहे। राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में से नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना (पोक्रा) से मराठवाड़ा और विदर्भ के लगभग पांच हजार गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इस परियोजना को विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिली है और परियोजना के पहले चरण की सफलता के बाद मुख्यमंत्री ने दूसरे चरण को मंजूरी देने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी महाराष्ट्र के बाढ़ के पानी को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में मोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर विचार किया है। इस परियोजना के माध्यम से पीने का पानी उपलब्ध होगा और लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार/ वीके


 rajesh pande