फिल्म निर्माण के लिये सर्वाधिक फिल्म फ्रेंडली स्टेट है मध्य प्रदेश : अनुपम खेर
- भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड सहभागी - फिल्म इंडस्ट्
फिल्म निर्माण के लिये सर्वाधिक फिल्म फ्रेंडली स्टेट है मध्य प्रदेश : अनुपम खेर


फिल्म निर्माण के लिये सर्वाधिक फिल्म फ्रेंडली स्टेट है मध्य प्रदेश : अनुपम खेर


- भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड सहभागी

- फिल्म इंडस्ट्री को प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए किया आमंत्रित

भोपाल, 24 नवंबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माण के लिये बहुत ही फ्रेंडली वातावरण है। मैंने मध्यप्रदेश में पांच फिल्में शूट की हैं और देश में मध्यप्रदेश को सर्वाधिक फ्रेंडली स्टेट पाया है। यह बात अभिनेता अनुपम खेर ने गोवा में चल रहे 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में कही।

उन्होंने कहा कि सचमुच में मध्यप्रदेश फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड पाने का हकदार है। प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिये राज्य सरकार द्वारा सभी संभव आवश्यक मदद मुहैया कराई जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में पांच फिल्में शूट की हैं। ऐसे फिल्म फ्रेंडली स्टेट बहुत कम कम देखे हैं, जहाँ शासन स्तर पर भी बहुत मदद मिलती है। प्रदेश की फिल्म पॉलिसी काफी सरल है। आशा करता हूँ कि हर साल मध्यप्रदेश को ही यह सम्मान मिले।

मप्र पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिवएवं टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड गोवा में आयोजित फिल्म महोत्सव में सहभागिता कर रहा है। उन्होंने फिल्म इण्डस्ट्री से जुड़े लोगों को राज्य में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य में सरकार द्वारा फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण के लिये 15 दिन में अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने फिल्म इण्डस्ट्री से जुड़े हितधारकों को प्रदेश में शूटिंग के लिये आमंत्रित भी किया।

शुक्ला ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं, आकर्षक लोकेशन्स और फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने, निर्माताओं को अनुदान, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 15 दिनों के भीतर अनुमति, प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ शूटिंग अनुमति के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी।

उन्होंने राज्य में फिल्म शूटिंग के माध्यम से निजी निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना, फिल्म/सीरियल/शो/वेब सीरीज/डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए वित्तीय अनुदान, अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं और दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन के बारे में भी बताया। इस अवसर पर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, रघुवीर यादव, फैजल मलिक, वाणी त्रिपाठी जैसे फिल्मी सितारे के अलावा अपर प्रबंध संचालक विवेक क्षोत्रिय और उप संचालक (फिल्म) युवराज पडोले भी मौजूद रहे।

मध्यप्रदेश फिल्म नीति की मुख्य बातें

मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने परियोजनाओं की अनुमतियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। अधिनियम के तहत 15 कार्य दिवसों में फिल्म की शूटिंग की अनुमति देने का प्रावधान है। जिला स्तर पर फिल्म पर्यटन नीति को लागू करने के लिए प्रत्येक जिले में अनुमति के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

फिल्म नीति के तहत दिए जाने वाले अनुदान में वेब सीरीज, ओटीटी ओरिजिनल कंटेंट, टीवी सीरियल और डॉक्युमेंट्री को शामिल किया है। राज्य में सभी फिल्मांकन अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सुविधा उपलब्ध है। फिल्म नीति के तहत राज्य के स्थानीय कलाकारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय अनुदान के साथ-साथ पर्यटन विभाग के होटल और रिसॉर्ट में रहने वाले फिल्म क्रू को छूट का प्रावधान है।

राज्य में फिल्म उद्योग के विकास के लिए निजी निवेश को बढ़ावा देने और फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, कौशल विकास केंद्र आदि स्थापित करने के लिए आरक्षित भूमि का प्रावधान है। मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माताओं का हब बनाना।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश


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