पीएफआई के 14 सदस्यों की गिरफ्तारी को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई टली
नई दिल्ली, 24 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के गिरफ्तार 14 सदस्
पीएफआई के 14 सदस्यों की गिरफ्तारी को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई टली


नई दिल्ली, 24 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के गिरफ्तार 14 सदस्यों की ओर से अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दिया है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली बेंच ने 10 जनवरी को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।

12 अक्टूबर को कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने याचिका के सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि सभी याचिकाकर्ता जमानत पर रिहा कर दिए गए हैं, इसलिए इस याचिका का कोई मतलब नहीं है। उसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया था कि वे जिन दस्तावेजों और फैसलों पर भरोसा करते हैं वे कोर्ट में दाखिल करें। याचिका में पीएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच करने की मांग की गई है।

बता दें कि 28 सितंबर को केंद्र सरकार ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों को पांच सालों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। केंद्र सरकार ने यूएपीए की धारा 3(1) के अधिकारों के तहत ये प्रतिबंध लगाया था। केंद्र सरकार ने पीएफआई के सहयोगी संगठनों, रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल (एआईसीसी), नेशनल कंफेडरेशन ऑफ ह्यूमन राईट्स आर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ) नेशनल वुमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल को भी प्रतिबंधित किया है। एनआईए ने कई राज्यों में छापा मारकर पीएफआई के काफी सदस्यों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने भी करीब पचास स्थानों पर छापा मारकर 30 से ज्यादा पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय


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