ब्राह्मणों व पुजारियों पर अत्याचार बन्द हो:शर्मा
जयपुर, 24 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश में पुजारियों और मंदिरों के सेवायतों पर हो रहे हमलों और जिंदा जलाने
ब्राह्मणों व पुजारियों पर अत्याचार बन्द हो:शर्मा


जयपुर, 24 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश में पुजारियों और मंदिरों के सेवायतों पर हो रहे हमलों और जिंदा जलाने जैसे बर्बर आपराधिक कृत्यों को लेकर राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने रोष जताया है।

महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शिव दयाल शर्मा ने ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने में विफल रहने को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कड़ा क़ानून बनाने की मांग की है। शर्मा ने मंदिरों के अधीन भूमि और सम्पत्तियों पर भूमाफिया की कुदृष्टि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने जयपुर में प्रेसवार्ता कर पत्रकारों को बताया कि चाहे करौली सपोटरा के बूकना में पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जिंदा जलाने की घटना हो या दौसा के महुआ में शंभु पुजारी हत्याकांड, डुबरी (बूंदी) विवेकानंद पुजारी हत्या, देवगढ़ राजसमंद में दुकान में घुसकर पुजारी मुकेश प्रजापति को जलाना, घुघडिया गांव जालौर में बुजुर्ग सन्त की चाकुओं से गोदकर हत्या की बर्बर घटना हो या जयपुर में पुजारियों के आत्मदाह की घटनाएं सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सनातन धर्म के खिलाफ चल रहे षड़यंत्र का पर्दाफाश हो सके। शर्मा ने राज्य सरकार से मंदिर और धर्म स्थलों के पुजारियों व संतों–महंतो के संरक्षण के लिए कड़ा क़ानून लाने की भी मांग की है।

शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण वर्ग शांतिप्रिय और शिक्षित समाज है। देश की आजादी में और आजादी के बाद भारत की प्रगति में ब्राह्मणों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। स्वतंत्र भारत में ब्राह्मण समाज पर इस तरह की घटनाएं राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह है। इन घटनाओं और प्रशासनिक अक्षमता की ब्राह्मण समाज भर्त्सना करता है। साथ ही सरकार से पीड़ितों के साथ न्याय और पुजारियों के संरक्षण के लिए उचित कार्यवाही की मांग करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ दिनेश/संदीप


 rajesh pande