मरीजों की चिकित्सा में कोई भेद नहीं करता आयुर्वेद : प्रो रेड्डी
गोरखपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। भगवान धन्वंतरि आरोग्यता के देवता हैं और आरोग्य का मूल है सम्यक तरीके से
उपस्थित छात्र छात्राएं


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गोरखपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। भगवान धन्वंतरि आरोग्यता के देवता हैं और आरोग्य का मूल है सम्यक तरीके से धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति। आयुर्वेद मूलतः आरोग्यता की धारणा को व्यवहारिक रूप से जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। आयुर्वेद मरीजों की चिकित्सा करते समय कोई भी भेद नहीं करता है।

यह बातें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में रस शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. के. रामचंद्र रेड्डी ने कही। वह शनिवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम बालापार के गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में सातवें आयुर्वेद पर्व एवं धन्वंतरि जयंती साप्ताहिक समारोह के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

प्रो. रेड्डी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर आयुर्वेद सबके लिए है। व्याधि, वेदना और मृत्यु के भय को दूर करना आयुर्वेद का लक्ष्य है। कोरोना जैसे वैश्विक संकटकाल में पूरे विश्व को आयुर्वेद की महत्ता को स्वीकार करना पड़ा। यह भारत समेत समूची दुनिया को कोरोना त्रासदी से उबारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हानिरहित यह चिकित्सा पद्धति, एक बार फिर अपने प्राचीन गौरव की तरफ तेजी से उन्मुख है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत की तमाम तरक्की के बावजूद मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा आज के दौर की बड़ी चुनौती है। इसका पूर्ण समाधान आयुर्वेद और योग को अपनी जीवनशैली में अपनाकर किया जा सकता है।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ अतुल वाजपेयी ने आयुर्वेद को प्राचीनतम एवं शाश्वत विज्ञान बताया। डॉ. वाजपेयी ने छात्रों को आयुर्वेद का सार समाज के सामने लाने तथा अपने ज्ञान से समाज को लाभान्वित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। स्वागत संबोधन गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज की प्राचार्य डॉ. डीएस अजीथा ने दिया। इस दौरान विविध प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।

वृहद स्वास्थ्य मेला का भी हुआ आयोजन

आयुर्वेद एवं धन्वंतरि पर्व के अंतर्गत शनिवार को धन्वंतरि जयंती पर गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में विधि विधान से धन्वंतरि पूजन-यज्ञ किया गया। पूजन एवं यज्ञ का कार्यक्रम गुरु गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार चतुर्वेदी, डॉ रंगनाथ त्रिपाठी ने संपन्न कराया। पूजन में कुलसचिव डॉ प्रदीप कुमार राव, आचार्य साध्वी नंदन पांडेय, सभी शिक्षक, सभी कर्मचारी एवं सभी विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय में वृहद स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 412 मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सेवा का लाभ मिला।

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद