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विधानसभा चुनाव में नोटा दबाने को मजबूर होंगे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मी
फर्रुखाबाद, 29 जनवरी (हि.स.)। पूरे उत्तर प्रदेश में कोविड-19 जैसी भयंकर महामारी के दौरान भी लोगों को
विधानसभा चुनाव में नोटा दबाने को मजबूर होंगे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मी


फर्रुखाबाद, 29 जनवरी (हि.स.)। पूरे उत्तर प्रदेश में कोविड-19 जैसी भयंकर महामारी के दौरान भी लोगों को अपनी सेवाएं देने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी इस बार चुनाव में नोटा प्रयोग करने को बाध्य होंगे। यह जानकारी शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिलाध्यक्ष संजय बाथम ने दी।

श्री बाथम ने बताया कि प्रदेश में एन एच एम के लगभग एक लाख कर्मचारियों जिसमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, चिकित्सक, पैरामेडिकल व अन्य संवर्ग के द्वारा विगत 15 वर्षों से अपनी सेवाएं स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने में दी जा रही हैं। उसके पश्चात भी किसी भी राजनीतिक दल द्वारा उनके समायोजन की बात ना करने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रत्येक कर्मचारी स्वयं को छला व उपेक्षित महसूस कर रहा है।

कोविड-19 की ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को सरकार द्वारा घोषित 50 लाख की बीमा राशि अभी तक प्राप्त नहीं हो पाई है। इसके अलावा देश के अन्य प्रदेशों में कोविड काल के दौरान ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को एक मुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी। उत्तर प्रदेश में मिशन के कर्मचारियों को इससे भी वंचित रखा गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम कर्मचारी संघ फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष संजय बाथम ने उक्त व्यथा व्यक्त करते हुय बताया की हमारे संगठन की सरकार से एक सूत्रीय मांग समायोजन है। अन्यथा इस बार संगठन का कर्मचारी आगामी चुनाव में इसका उत्तर नोटा प्रयोग करने को मजबूर होगा।

हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रपाल


 rajesh pande