Custom Heading

गिरिराज सिंह की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री कोष से मरीजों को मिली 96 लाख की सहायता
बेगूसराय, 29 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बिहार के बेगूसरा
प्रतीक


बेगूसराय, 29 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बिहार के बेगूसराय में ना केवल उद्योग और औद्योगिक संरचना को मजबूत कर रही है। बल्कि स्वास्थ सेवाओं में सुधार के साथ गंभीर रूप से बीमार मरीजों की भी भरपूर मदद कर रही है। नरेन्द्र मोदी सरकार के द्वतीय कार्यकाल के बीते करीब ढ़ाई वर्षो में गिरिराज सिंह के प्रयास से 59 मरीजों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिसमें सबसे अधिक मदद कैंसर के मरीजों को दी गई है। कैंसर के अलावा किडनी ट्रांसप्लांट, हृदय रोग और किडनी की बीमारी सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों में भी पीड़ित मरीजों को सहायता उपलब्ध कराई गई है।

केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह के द्वारा आम लोगों के द्वारा दिए जा रहे चिकित्सीय सहायता आवेदन पर अब तक 59 मरीजों के लिए 96 लाख 50 हजार 670 रुपए की सहायता प्रधानमंत्री सहायता निधि से उपलब्ध कराई गई है। संसदीय क्षेत्र में क्षेत्र भ्रमण के दौरान तथा दौरे के क्रम में आम लोगों के द्वारा दिए जा रहे आवेदन को सांसद की अनुशंसा के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय प्रेषित किया जाता है। सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह आमजन की समस्याओं के निराकरण तथा सामाजिक दायित्व के तहत चिकित्सीय मदद एवं अन्य समस्याओं का निदान और मदद की जाती है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत जानलेवा लाइलाज बीमारियों के इलाज के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद मुहैया कराती है। जानलेवा बीमारी की चपेट में आने वाले कोई भी व्यक्ति को इलाज के लिए इंतजाम नहीं है तो क्षेत्र के सांसद के नाम सादा कागज पर बीमार व्यक्ति या उनके परिजन बीमारी से संबंधित कागजात के साथ आवेदन करते हैं। कैंसर, एड्स, गंभीर ऑपरेशन, आंत की बीमारी, किडनी फेल, हार्ट अटैक, लीवर ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट आदि में सांसद अनुशंसा करके गंभीर रोगों से जूझने वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने का प्रावधान है।

सरकारी अस्पताल के अलावा सरकारी संस्थानों की तर्ज पर इलाज की सुविधा देने वाले अस्पतालों सहित पीजीआई समकक्ष चिकित्सीय संस्थानों की मेडिकल रिपोर्ट दस्तावेज के तौर पर काम करती है। इन संस्थानों के संबंधित चिकित्सक यह भी रिपोर्ट तैयार कर देते हैं कि रोगी को क्या बिमारी है तथा इसके इलाज में कुल कितना खर्चा आएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर सांसद प्रधानमंत्री के नाम राहत कोष से बीमार व्यक्तियों या फिर उनके परिजनों को इलाज के लिए पत्र भेजते हैं और सांसद के पत्र के आधार पर केंद्र सरकार राहत मुहैया कराती है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र


 rajesh pande