Custom Heading

जींद : पिस्तौल तथा जिंदा कारतूस के साथ दो लोग गिरफ्तार
जींद, 29 जनवरी (हि.स.)। जिले में अवैध हथियारों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक माह म
पुलिस गिरफ्त में असलहा समेत पकडे गए आरोपित।


जींद, 29 जनवरी (हि.स.)। जिले में अवैध हथियारों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक माह में जिले में अवैध हथियार के साथ 18 लोग पकड़े जा चुके हैं। अवैध हथियार के साथ पकड़े गए अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़े गए हैं।

पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार रखने वाले लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ग्रामीणों की सहायता से भी ऐसे लोगों की पहचान में लगी हुई है, जो अवैध हथियार रखे हुए हैं और किसी भी समय आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। पकड़े गए अवैध हथियार अधिकतर उत्तरप्रदेश के एरिया से बनकर आरोपितों तक पहुंचे और 15 से 20 हजार रुपये में यह अवैध हथियार युवकों तक पहुंच रहे हैं। शुक्रवार शाम को भी पुलिस ने अलग-अलग स्थान से दो युवकों को अवैध हथियार के साथ काबू किया है। पहला आरोपित शहर के सोमनाथ मंदिर के निकट से झज्जर जिले के गांव डाबला निवासी संजय को गिरफ्तार किया है जबकि दूसरा आरोपित 315 बोर के पिस्तौल साथ पकड़ा है।

डिटेक्टिव स्टाफ में तैनात हेड कांस्टेबल प्रवीन कुमार ने बताया कि उनकी टीम गश्त करते हुए सोमनाथ मंदिर के निकट पहुंची तो एक युवक वहां पर खड़ा था और पुलिस की गाड़ी को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। शक के आधार पर आरोपित का पीछा करके पकड़ा और तलाशी लिए जाने पर आरोपित संजय के पास से 32 बोर की पिस्तौल व दो कारतूस बरामद हुए, जबकि दूसरा आरोपित सीआईए नरवाना की टीम ने गांव बेलरखां निवासी अक्षय उर्फ पव्वा को 315 बोर की पिस्तौल के साथ पकड़ा है। पकड़ा गया आरोपित गांव बेलरखां के बस अड्डे के निकट ही खड़ा था और किसी वाहन का आने का इंतजार कर रहा था लेकिन इसी दौरान नरवाना सीआईए की टीम मौके पर पहुंच गई और शक के आधार पर उसकी तलाशी लिए जाने पर पिस्तौल बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।

डीएसपी जितेंद्र ने बताया कि अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रखी जा रही है। जिसके चलते ऐसे तत्वों से निपटने में पुलिस को सफलता मिल रही है। अब तक 18 लोग अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/वीरेन्द्र


 rajesh pande