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जीएचएडीसी के मामले में हस्तक्षेप करने से मुख्यमंत्री का इंकार
शिलांग, 29 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉनराड क
जीएचएडीसी के मामले में हस्तक्षेप करने से मुख्यमंत्री का इंकार


शिलांग, 29 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉनराड के संगमा ने कहा है कि सरकार गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्टिक काउंसिल (जीएचएडीसी) के मामले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे कई पहलू हैं, जिसके कारण मुख्य कार्यकारी सदस्य बेनेडिक मराक के खिलाफ एक विशेष सत्र और अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विपक्ष जीएचएडीसी में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा।

उन्होंने कहा है कि सरकार को तीन कार्यकारी सदस्यों के संबंध में जीएचईसी अध्यक्ष और अन्य सदस्यों से एक पत्र मिला है। इसके अलावा सरकार को एक नोट भी मिला था, जिसमें सीईएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए एक विशेष सत्र की मांग की गई थी।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि उन पत्रों के आधार पर मामला राज्यपाल के पास भेजा गया है, जिन्होंने एक विशेष सत्र के लिए कहा है। जहां, अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा और सीईएम को अपना बहुमत साबित करना होगा।

ज्ञात हो कि अविश्वास प्रस्ताव एनपीपी, जीएचएडीसी सीएम के बीच के टकराव का परिणाम है, जो विभिन्न मुद्दों पर एक दूसरे के साथ आमने-सामने हैं। उल्लेखनीय है कि बेनेडिक, लाइनकर के संगमा, सेंगचिंग संगमा और निर्दलीय एमडीसी अख्तर अली को अपनी ही पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विरूद्ध गतिविधियों में पाये जाने पर पार्टी से निकाल दिया गया था।

वहीं, उनके निष्कासन से (एनपीपी) के नेतृत्व वाले खेमे में व्यापक आक्रोश फैल गया था, जो पार्टी विरोधी गतिविधियों के आधार पर सीईएम को हटाने की मांग कर रहा है। भाजपा एमडीसी बर्नार्ड मराक ने कहा कि इस संबंध में एनपीपी ने पार्टी नेताओं और एमडीसी से सलाह नहीं लिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है, इसलिए हम उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ श्रीधर/ अरविंद


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