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विधानसभा अध्यक्ष व सहकारिता मंत्री ने नाथद्वारा में किया कस्टम हायरिंग सेन्टर्स का शुभारंभ
उदयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी.जोशी के मुख्य आतिथ्य एवं सहकारिता मंत्री उद
विधानसभा अध्यक्ष व सहकारिता मंत्री ने नाथद्वारा में किया कस्टम हायरिंग सेन्टर्स का शुभारंभ


उदयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी.जोशी के मुख्य आतिथ्य एवं सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना की अध्यक्षता में गोवर्धन राउमावि नाथद्वारा में दी उदयपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैक लि. उदयपुर कार्यक्षेत्र अंतर्गत राजसमंद जिले की 18 चयनित समितियों को कृषि उपकरण हस्तांतरित कर कस्टम हायरिंग केन्द्रों का शुभारंभ किया गया। अतिथियों ने समिति अध्यक्षों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपकर कस्टम हायरिंग सेन्टर्स का शुभारम्भ किया।

मुख्य अतिथि डॉ. जोशी ने सहकारी समितियों को आय बढ़ाकर अपने क्षेत्र के किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने का आह्वान किया। गत वर्ष जिन सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित किये गये उन केन्द्रों से किसानों के हित में कार्य करते हुये अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया गया। साथ ही उनके द्वारा कृषि, पंचायती राज, सहकारिता एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर किसानों के हित में कार्य किये जाने की आवश्यकता जताई।

सहकारिता मंत्री आंजना ने विधानसभा अध्यक्ष के आह्वान पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति खोलने के संबंध में कार्यवाही का आश्वासन दिया गया तथा वर्तमान में नई समितियों के गठन के लिए हिस्सा पूंजी को 5 लाख से घटाकर 3 लाख करने का आश्वासन दिया। इससे प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों का गठन सुगमता से हो सके। समितियों में संचालित कस्टम हायरिंग केन्द्रों की आय बढ़ाने के लिए समिति अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल को सहयोग करने का आह्वान किया गया।

प्रबन्ध निदेशक चौधरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2021-22 के तहत राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना कर 10 लाख रुपये तक के कृषि उपकरण खरीद कर समिति कार्यक्षेत्र के किसानों को उन्नत कृषि यंत्र किराए पर देने के प्रावधान अनुरूप योजनान्तर्गत प्रति समिति 10 लाख रुपये तक के कृषि उपकरण खरीदे जाएंगे, जिसमें से 80 प्रतिशत यानी 8 लाख का अनुदान देय होगा एवं 20 प्रतिशत राशि संबंधित समिति द्वारा वहन की जाएगी। यह योजना राज्य के कृषक विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषक जो सीमित आय के कारण महंगे कृषि उपकरणों को क्रय करने में सक्षम नहीं हैं, के लिए प्रवर्तित की गई है। योजनान्तर्गत बैक कार्यक्षेत्र की चयनित समितियों में ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, थेसर आदि उपकरण क्रय कर निर्धारित तिथि से समिति के संबधित कार्यक्षेत्र के सदस्य कृषक अपनी आवश्यकतानुसार कृषि उपकरण उचित दर पर किराये पर ले सकेंगे।

कृषि उप निदेशक मेघवंशी ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मैसी ट्रैक्टर कम्पनी के क्षेत्रीय प्रबन्धक नरेश कुमार ने कृषि संयत्रों की तकनीकी रखरखाव के बारे में बताया। कार्यक्रम में पूर्व में संचालित कस्टम हायरिंग सेंटर वाली सहकारी समितियों यथा मदारा, लसानी एवं सिन्धु को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो वितरित किये गये, साथ ही जिला राजसमन्द की नवगठित सहकारी समितियो यथा पाखण्ड, बिजनोल एवं जवासिया को पंजीयन प्रमाण पत्र एवं पाखण्ड, देवपुरा, जवासिया एवं बिजनोल को पैक्स डवलपमेन्ट फण्ड से लैपटॉप का वितरण किया गया। कार्यक्रम में 5 किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण के चौक भी वितरित किये गये। मंच संचालन बैक के अधिशाषी अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार व भगवान लाल सुखवाल ने किया। कार्यक्रम के अन्त में अतिरिक्त रजिस्ट्रार डॉ. अश्विनी वशिष्ठ ने आभार जताया।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप


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