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बिहार में छात्रों के बंद का मिलाजुला असर, कई जगह पर रोकी ट्रेन
बिहार में छात्रों के बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। हालांकि, भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने इसको समर्थन दिया था लेकिन यह असर नहीं दिखा पाया।

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-खान सर की अपील, छात्र न हों प्रदर्शन में शामिल
पटना, 28 जनवरी (हि.स.)। बिहार में छात्रों के बिहार बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। हालांकि, भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने इसको समर्थन दिया था, लेकिन यह असर नहीं दिखा पाया।
छात्रों के प्रदर्शन की बात करें तो दरभंगा में छात्रों ने सुबह-सुबह ही ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। पटना में भी छात्रों ने चक्का जाम किया। बंद के दौरान छात्रों ने बाढ़ रेलवे ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया। भागलपुर में इंटर सिटी ट्रेन रोककर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिहार की राजधानी पटना में एआईएसएफ (आईसा) के छात्रों द्वारा जमकर हंगामा किए जाने की खबर है। गांधी मैदान स्थित मैकडॉनल्ड में तोड़फोड़ की सूचना है। पुलिस छात्रों को हटाने के प्रयास में जुटी है। पटना के डाक बंगला चौराहा को छात्रों ने जाम कर दिया। छात्र संगठन से जुड़े हुए आईसा और जाप के छात्र नेताओं ने डाक बंगला चौराहा को पूरी तरह से जाम कर दिया है.
 
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। यहां से पुलिस ने एक छात्र नेता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बवाल शुरू हो गया। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा। बिहार बंद के समर्थन में छात्र पटना के डाक बंग्ला चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी बेहोश हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आनन-फानन में उठाकर पुलिस की गाड़ी में डालकर पीएमसीएच पहुंचाया।
 
बक्सर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-84 को छात्रों ने जाम कर दिया। छात्रों ने इस हाइवे पर आगजनी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। खगड़िया में छात्रों ने एनएच-31 जाम कर विरोध जताया।वहीं, छात्रों पर दर्ज हुए मुकदमे के खिलाफ आईसा-एनएसयूआई और राजद के छात्र संगठन ने प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। सहरसा में छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरकर महागठबंधन के नेता व कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान केंद्र सरकार और रेल मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है।
 
बिहार में तोड़फोड़, आगजनी और रेलवे संपत्ति को नुकसान के बाद प्रशासन सख्त दिखा। राज्य भर में 48 नामजद और 3,975 से अधिक अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।नामजदों में पटना के खान सर समेत छह कोचिंग संचालक भी शामिल है. पटना में आठ और गया व सीतामढ़ी में 13-13 अभ्यार्थियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
खान सर ने छात्रों से प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की
 
खान सर ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर छात्रों से आज प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब राहत का संकेत मिल रहा है। सुशील मोदी ने ट्वीट कर बताया है कि रेल मंत्री से बातचीत हो गयी है। अगली परीक्षाएं स्थगित होगी। वहीं, एनटीपीसी के साढ़े तीन लाख और रिजल्ट जोड़े जाएंगे। ग्रुप डी की एक ही परीक्षा होगी। छात्र किसी भी प्रकार के रेलवे की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएं।
 
राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि आंदोलन को अभी नैतिक समर्थन है। अगर छात्रों का दमन किया गया, तो पार्टी हर संभव विरोध करेगी। सीपीआइ के राज्य सचिव राम नरेश पांडेय ने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड की मनमानी से छात्र परेशान है। अब पुलिस की ज्यादती पर लगाम जरूरी है। सीपीएम नेता अवधेश पांडेय ने भी कहा कि छात्रों के साथ की जा रही। ज्यादती पर पार्टी उनके साथ है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है युवाओं के साथ छलावा है।
 
हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द

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