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दिल्ली हिंसा: ताहिर के वकील के कार चलाते वक्त सुनवाई में शामिल होने पर कोर्ट ने जताया एतराज
नई दिल्ली, 28 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हिंसा मामले के आरोपित और आम आदमी पार्टी के प
दिल्ली हिंसा: ताहिर के वकील के कार चलाते वक्त सुनवाई में शामिल होने पर कोर्ट ने जताया एतराज


नई दिल्ली, 28 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हिंसा मामले के आरोपित और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की अपने खिलाफ दर्ज यूएपीए के मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन के वकील की ओर से कार चलाते वक्त सुनवाई में शामिल होने पर कड़ा एतराज जताया है। जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने कहा कि कोर्ट को इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि वकील मोबाइल से कोर्ट की सुनवाई में हिस्सा ले रहे हैं या कार में बैठे हुए हैं, लेकिन आप कार चलाते वक्त कैसे दलीलें रख सकते हैं। कम से कम शिष्टाचार का तो पालन होना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इंटरनेट की कनेक्टिविटी की समस्या को समझा जा सकता है, लेकिन कार चलाते वक्त सुनवाई में शामिल होना सही नहीं है। उसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई टाल दिया। 23 जुलाई 2021 को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली हिंसा के मामले में एफआईआर नंबर 59/2020 में यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ताहिर हुसैन के खिलाफ यूएपीए की धारा 13, 16,17, 18, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 और डैमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। ताहिर हुसैन की याचिका में यूएपीए की धारा 13, 16,17, 18 के तहत मामला दर्ज करने को चुनौती दी गई है। याचिका में मांग की गई है कि एफआईआर में यूएपीए की इन धाराओं को हटाया जाए।

याचिका में दिल्ली सरकार की ओर से यूएपीए के तहत अभियोजन चलाने की स्वीकृति देने के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन की ओर से वकील मोहित माथुर ने कहा कि ताहिर हुसैन के खिलाफ यूएपीए की धाराएं लगाने का पर्याप्त कारण मौजूद नहीं है। माथुर ने कहा कि आज असहमति को आतंकी गतिविधि की तरह पेश किया जा रहा है।

बतादें कि दिल्ली पुलिस ने 18 लोगों को आरोपित बनाया है। इनमें से सफूरा जरगर को मानवीय आधार पर जमानत मिली है, जबकि नताशा नरवाल, देवांगन कलीता और आसिफ इकबाल तान्हा को नियमित जमानत मिली है। इन चारों को छोड़कर जो आरोपित जेल में बंद हैं उनमें ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा, शफा उर रहमान, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अतहर खान, शरजील इमाम, और फैजान खान शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय


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