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दिल्ली दंगा: स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति पर एलजी ने दिल्ली हाई कोर्ट में रखा अपना पक्ष
नई दिल्ली, 28 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्
दिल्ली दंगा: स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति पर एलजी ने दिल्ली हाई कोर्ट में रखा अपना पक्ष


नई दिल्ली, 28 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति मामले में शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा। इसमें कहा गया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और किसानों के विरोध के मामलों के त्वरित और सक्षम अभियोजन के लिए यह कदम उठाया गया। उप-राज्यपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे के जरिये कहा कि दिल्ली दंगे और किसानों के प्रदर्शन का मामला काफी संवेदनशील है, इसलिए ये नियुक्तियां की गईं।

उप-राज्यपाल के हलफनामे में स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति के फैसले के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका का विरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति उप-राज्यपाल ने अपने निहित अधिकारों के तहत किया है। हलफनामे में दिल्ली सरकार की याचिका को जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गई है।

कोर्ट ने 27 अगस्त को केंद्र और दिल्ली के उप-राज्यपाल को नोटिस जारी किया था। दरअसल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और किसानों के विरोध के मामलों की कोर्ट में पैरवी करने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से वकीलों की सूची को दिल्ली सरकार ने अस्वीकार कर दिया था। दिल्ली सरकार ने वकीलों के नए पैनल को नियुक्त किया था। बाद में उप-राज्यपाल ने धारा 239एए(4) के तहत मिले विशेष अधिकारों के तहत उसे निरस्त कर दिया था। उप-राज्यपाल ने दिल्ली पुलिस की ओर से सुझाए गए वकीलों को सरकारी वकील के रूप में नियुक्त करने की अनुशंसा की थी। उप-राज्यपाल की अनुशंसा अभी राष्ट्रपति के पास लंबित है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि सरकारी वकीलों की नियुक्ति एक रुटीन प्रक्रिया है और इसे अपवाद नहीं माना जाना चाहिए। इसके लिए राष्ट्रपति को भेजना सही नहीं है। ये संघवाद को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा था कि उप-राज्यपाल स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति में हमेशा अड़ंगा लगा रहे हैं और ऐसा कर वे एक चुनी हुई सरकार का अपमान कर रहे हैं। उप-राज्यपाल का ऐसा कदम धारा 239एए का उल्लंघन है।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय


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