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राज्य में पुनः स्कूल खोलने का आह्वान
इटानगर, 28 जनवरी (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के निजी स्कूल और बाल कल्याण संघ (एपीपीएस और डब्ल्यूएस) ने र
राज्य में पुनः स्कूल खोलने का आह्वान


इटानगर, 28 जनवरी (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के निजी स्कूल और बाल कल्याण संघ (एपीपीएस और डब्ल्यूएस) ने राज्य सरकार, विशेषकर शिक्षा विभाग से बच्चों के अभिभावकों की चिंता के अनुसार एक फरवरी से स्कूलों (ऑफ लाइन क्लास) को फिर से खोलने की अनुमति देने का आह्वान किया है।

अरुणाचल प्रेस क्लब में आज यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए एपीपीएस एंड डब्ल्यूएस के अध्यक्ष योवा बुलेट ने राज्य सरकार से उन्हें स्कूल में ऑफ लाइन क्लास की अनुमति देने की अपील करते हुए कहा कि ऑनलाइन के माध्यम से हम अपने बच्चों को नहीं पढ़ा पा रहे हैं और ऑनलाइन क्लास के नाम पर हम अपने बच्चों की शिक्षा को खराब कर रहे हैं और खराब नेटवर्क के कारण हम ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहे हैं। मुख्य रूप से कक्षा एक और कक्षा दो के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हमें पांचवीं से आठवीं कक्षा का शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करने का निर्देश दिया है और 17 फरवरी से परीक्षा कराने की भी घोषणा किया गया। निजी स्कूल ऑनलाइन माध्यम से पाठ्यक्रम को पूरा नहीं कर पाये हैं। उन्होंने सरकार से परीक्षा तिथि स्थगित करने की भी अपील की। संस्था ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की कि अभिभावकों की चिंता के अनुसार उन्हें ऑफ लाइन क्लास फिर से खोलने की अनुमति दी जाए और हम शिफ्ट के आधार पर स्कूल चलाएंगे।

एपीपीएस एंड डब्ल्यूएस के प्रवक्ता तारह हरि ने तेजी से बढ़ रहे निजी स्कूलों के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग 80 प्रतिशत निजी स्कूल अपने संस्थान को चलाने के लिए तय मानदंडों का उल्लंघन करके अवैध रूप से चला रहे हैं। इस संबंध में पिछले वर्ष नवम्बर माह में तत्कालीन शिक्षा सचिव निहारिका राय की उपस्थिति में हमने शिक्षा मंत्री तबा तेदिर के साथ बैठक कर निजी विद्यालयों को सुव्यवस्थित करने, राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने का अनुरोध करते हुए कई बिंदु भी प्रस्तुत किये थे। लेकिन आज तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने दावा किया कि एक ही इमारत की ऊपरी मंजिल में निजी स्कूल और निचले मंजिल में पान गुमटी और दुकानों में तंबाकू के सामान बेचे जा रहे हैं। खासकर राजधानी क्षेत्र में। उनको रोकने वाला कोई नहीं है। स्कूल चलाने के लिए बहुत सारे नियम और कानून हैं लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई लागू नहीं हो रहा है और न ही जांच की जा रही है। इस मामलों की जांच कर कडी कारवाई करने का सरकार से आह्वान किया है।

हिन्दुस्थान समाचार/ तागू/ अरविंद


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