Custom Heading

सद्भावना परियोजना के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री ने असम सचिवालय के कर्मचारियों से की चर्चा
गुवाहाटी, 28 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि हमें किसी भी हालत में असम
CM Assam


CM Assam


गुवाहाटी, 28 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि हमें किसी भी हालत में असम में परिवर्तन लाना होगा। यदि हम अभी परिवर्तन नहीं ला सके तो हमारे बच्चे तथा आनेवाली पीढ़ियों के लिए दिक्कत होंगी। ये बातें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गुवाहाटी के पंजाबारी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय प्रेक्षागृह में आयोजित प्रोजेक्ट सद्भावना को लेकर बैठक को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एक सकारात्मक चिंतन शुरू करना होगा ताकि राज्य के नागरिकों को यह विश्वास हो सके कि उनका काम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में जो भी आते हैं सभी के सभी पीड़ित होते हैं। हमें उनकी पीड़ा को समझना होगा। उन्होंने कहा कि सचिवालय तथा सरकारी कार्यालयों में मुख्यमंत्री, मंत्री या अन्य विधायकों का काम होना महत्वपूर्ण नहीं है। बल्कि, आम नागरिकों का काम हो इसे सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि एक फरवरी को असम सरकार प्रोजेक्ट सद्भावना नामक जो पोर्टल शुरू करने जा रही है, इस पोर्टल पर राज्य की जनता अपने लंबित काम दर्ज करा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सचिवालय से शुरू करके सरकार के अंतिम कार्यालय तक ई-फाइलिंग सिस्टम को ले जाना है। 10 मई के अंदर सभी फाइलें ई-फाइल में तब्दील हो जाएंगी। सचिवालय में कोई भी फाइल नजर नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे यह सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नियम को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय प्रमुख अपने-अपने विभाग की फाइलों को निपटाने के लिए एसओपी तैयार करें। उन्होंने कहा कि 10 मई, 2021 तक की सभी फाइलें 10 मई, 2022 तक निपट जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 मई, 2023 तक पूरा का पूरा सरकारी कार्यालय ही ई-कार्यालय में तब्दील हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय के अंदर एक भी फाइल नजर नहीं आए। सचिवालय में स्वच्छ भारत दिखे। सचिवालय के कर्मचारियों को सुबह-शाम दो वक्त चाय सचिवालय की तरफ से दिया जाएगा। साथ ही महिला कर्मचारियों के लिए बच्चों के रखरखाव के लिए क्रैश खोलने की भी व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-फाइलिंग के तहत 98 से 99 फ़ीसदी फाइलें ई-फाइल में तब्दील हो जानी चाहिए। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव अविनाश जोशी तथा विभाग के आयुक्त सचिव मनीभन्नन के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2022 के मई माह से क्लीन एंड ग्रीन सचिवालय बन जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पेंशन के लिए सचिवालय में कर्मचारियों को चक्कर काटने की चर्चा करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों के लिए शर्मनाक है कि उसके एक सहकर्मी सेवानिवृत्त होने के बाद उनके आगे-पीछे चक्कर काटते हैं। उन्होंने कहा कि यह संभव है और शीघ्र ही होकर रहेगा।

उन्होंने मिशन वसुंधरा की चर्चा करते हुए कहा कि आठ लाख लोगों ने इसके तहत जमीन से संबंधित कार्यों के लिए आवेदन दिए। जिनमें से अब तक दो लाख आवेदन निपटाये जा चुके हैं। बाकी के छह लाख आवेदनों को निपटाने के लिए अधिकारी परफोर्मा, कैटलॉग आदि तैयार करें। ताकि, कैबिनेट की बैठक में इसे से निपटाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट सद्भावना के सिलसिले में इससे पूर्व दो बैठकें इसी शंकरदेव कलाक्षेत्र परिसर में मुख्यमंत्री कर चुके हैं। आज की बैठक में सचिवालय के जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट तथा सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के साथ ही सचिवालय के पदाधिकारियों को बुलाया गया था। इससे पूर्व मुख्यमंत्री राज्य भर के आईएएस तथा एसीएस अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों के साथ इसी सिलसिले में बैठक कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों तथा शेष बचे कर्मचारियों को लेकर एक दिन और इस सिलसिले में बैठक करेंगे ताकि प्रोजेक्ट सद्भावना के विषय में सामूहिक जानकारी हो तथा सभी मिलकर टीम वर्क के रूप में काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हम नागरिकों के सुख और दुख को समझ सके तभी जाकर उद्देश्य की पूर्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी भी आखिरकार समाज के ही एक अंग हैं। और, यह किसी को नहीं भूलना चाहिए कि कर्म आदमी का पीछा करता है।

बैठक की शुरुआत में नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर एनआईसी की सुचित्रा प्यारेलाल ने एक फरवरी से शुरू होने जा रहे प्रोजेक्ट सद्भावना के पोर्टल के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम को अविनाश जोशी तथा मनिवन्नन ने भी संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार/ श्रीधर/ अरविंद


 rajesh pande